नैनवा : कस्बे के राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को एक कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई. गनीमत रही कि तब छात्राएं मौजूद नहीं थीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. घटना से छात्राओं और अभिभावकों में दहशत है.
प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने बताया कि जब स्टाफ स्कूल पहुंचा तो गिरी छत देखकर दंग रह गया. उन्होंने तुरंत छात्राओं को स्कूल नहीं आने की सलाह दी. उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया. सूचना पर सीबीईओ अनिल गोयल मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त कक्ष को गिराने के निर्देश दिए. प्रशासन का दावा है कि जिस कमरे की छत गिरी, उसमें कक्षाएं नहीं लगती थी. यह स्टोर रूम बना रखा था.
हादसों की झड़ी, फिर भी जिम्मेदार मौन: बूंदी जिले में लगातार हो रहे हादसे शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर कर रहे हैं. 15 अगस्त को बूंदी शहर में निजी स्कूल की फॉल्स सीलिंग गिरने से 5 बच्चे गंभीर घायल हो गए थे. बुधवार को नैनवा रोड स्थित प्राइमरी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरा और अब नैनवा बालिका स्कूल की छत गिरने की घटना ने मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस की पोल खोल दी. ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में जांच और कार्रवाई की खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि जर्जर स्कूल भवन बच्चों की जान के लिए खतरा बने हैं.




















