राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अधिशाषी अधिकारी (Executive Officer – EO) ग्रेड-4 और राजस्व अधिकारी (Revenue Officer – RO) ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। यह परीक्षा पिछले साल पेपर लीक और नकल के गंभीर आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थी और अब पुनः आयोजित होने के बाद अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची सामने आई है।
RPSC की ओर से स्वायत्त शासन विभाग में EO के कुल 90 और RO के 21 पदों के लिए यह भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इन दोनों पदों के लिए कुल 111 रिक्तियां घोषित की गई थीं। आयोग ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए पहले 309 अभ्यर्थियों की प्रोविजनल सूची जारी की थी। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 111 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन कर लिया गया है।
परीक्षा प्रक्रिया में उठा बवाल
यह भर्ती परीक्षा पहली बार 14 मई 2023 को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 1.96 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही परीक्षा में पेपर लीक और नकल के आरोप सामने आए। पूरे प्रदेश में इसको लेकर हंगामा मच गया। आयोग ने जांच के बाद इन आरोपों को गंभीर मानते हुए 25 अक्टूबर 2024 को परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।
इसके बाद आयोग ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का ऐलान किया। नई तारीख तय की गई 23 मार्च 2025, जिस दिन यह परीक्षा दोबारा आयोजित हुई। इस बार 1 लाख 20 हजार 574 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।
आवेदन करने वालों की संख्या
इस भर्ती के लिए कुल 4 लाख 37 हजार 870 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जो कि राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी भागीदारी को दर्शाता है। लेकिन पेपर लीक और दोबारा परीक्षा के कारण कई अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव और असमंजस का सामना करना पड़ा।
आयोग की पारदर्शिता पर उठे सवाल
हालांकि, अब परीक्षा प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और योग्य उम्मीदवारों का चयन हो चुका है, लेकिन एक बार फिर यह मामला राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गया है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब RPSC की किसी परीक्षा में पेपर लीक या नकल की बात सामने आई हो।
आयोग सचिव का बयान
RPSC सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि आयोग ने इस बार परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए थे। दोबारा परीक्षा कराना आयोग के लिए भी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता से प्रक्रिया पूरी की गई है।
अब जबकि फाइनल चयन सूची जारी हो चुकी है, राज्य सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की अपेक्षा है। यह मामला इस ओर इशारा करता है कि भविष्य में आयोग और सरकार को पेपर लीक जैसी घटनाओं से बचने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने होंगे।




















