जोधपुर : भारतीय रेलवे में लगातार नवाचार हो रहे हैं. इसके तहत अब रेल में काम करने वाले भी डिजिटल ही अपनी हाजिरी लगाएंगे. जोधपुर रेल मंडल में भी यह प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके लिए जोधपुर मंडल में 300 टीटीई का ‘मेरी पहचान’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है. यह तकनीक बायोमेट्रिक व्यवस्था पर काम करेगी.
दरअसल, भारतीय रेलवे ने टिकट चेकिंग कार्य में लगे अपने स्टाफ की ड्यूटी में और अधिक पारदर्शिता लाने और उनकी ड्यूटी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में नवाचार करते हुए आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजरी की अनिवार्यता लागू की है. इसके तहत टीटीई के ड्यूटी साइन और आउट की प्रक्रिया को सरल व सुरक्षित बनाने की दिशा में उनकी डिजिटल हाजरी के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर तैनात 300 से भी अधिक टीटीई का ई-प्रमाण पोर्टल पर आधार आधारित ‘मेरी पहचान’ पर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है.
इस संबंध में जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से इस प्रणाली को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश मिलने के बाद मंडल पर बायोमेट्रिक डिवाइस की खरीद की गई है. वहीं, इसके लिए चेकिंग स्टाफ की ई-प्रमाणीकरण व आधार आधारित कॉन्फ़िगरेशन की व्यवस्था प्रारंभ की जा चुकी है. इससे अब टीटीई अपनी ड्यूटी प्रारंभ होने व समाप्त करते समय बायोमेट्रिक साइन इन और साइन आउट करेंगे. इस प्रणाली का क्रियान्वयन भारतीय रेलवे की कार्य कुशलता और पारदर्शिता में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है. बायोमेट्रिक साइन- ऑन ऑफ प्रणाली न केवल कर्मचारियों की तैनाती को सुव्यवस्थित करेगी बल्कि टिकट जांच कर्मचारियों की समग्र कार्य कुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जिससे अंततः सभी यात्रियों के लिए अनुभव बेहतर होगा.
ड्यूटी और कार्य घंटों का सटीक रिकॉर्ड : इस नई व्यवस्था बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को टीटीई लॉबी प्रणाली के साथ एकीकृत किए जाने से कर्मचारी आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण का उपयोग कर स्वयं को प्रमाणित कर सकते हैं. यह एक छेड़छाड़ रहित, पारदर्शी और गोपनीयता-अनुपालन उपस्थिति प्रक्रिया है जो उनकी वास्तविक समय में कार्य घंटों और ड्यूटी स्थिति का सटीक रूप से रिकॉर्ड करती है. यह प्रणाली टिकट चेकिंग कर्मचारियों की उपलब्धता और उनकी रीयल-टाइम डेटा प्रदान करती है, जिससे लॉबी का प्रबंधन अधिक कुशल होता है.




















