बूंदी: हादसों के इंतजार में बैठा प्रशासन आखिरकार जागा और अब जिलेभर में जर्जर स्कूल भवनों पर बुलडोजर की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी है. शनिवार को जिला कलेक्टर के आदेश पर नगर परिषद का दस्ता संजय नगर पहुंचा और खंडहरनुमा स्कूल भवन को पलभर में मलबे में तब्दील कर दिया. गणेशपुरा गांव में भी जर्जर इमारत को ध्वस्त कर बच्चों की सुरक्षा पर खतरे की तलवार हटाई गई.
1250 स्कूलों की जांच, 35 बिल्डिंग और 3050 कमरे घोषित जर्जर: शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीम ने जब 1250 स्कूलों का जायजा लिया, तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई. 35 बिल्डिंग खंडहरनुमा और 3050 कमरे खस्ताहाल पाए गए. रिपोर्ट पर मोहर लगते ही प्रशासन हरकत में आया और ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया.
303 आदेश, 155 पर कार्रवाई, अब बिना रुके चलेगा एक्शन: सहायक अभियंता अशोक उपाध्याय ने बताया कि अब तक 303 ध्वस्तीकरण आदेश जारी हो चुके हैं, जिनमें से 155 भवन-कक्ष जमींदोज कर दिए गए हैं. 20 अगस्त के बाद से कार्रवाई ने और रफ्तार पकड़ ली है. अब जहां भी खतरे की दीवार दिखेगी, वहां बुलडोजर गरजेगा.
हादसों का सबक, अब नहीं होगी लापरवाही: झालावाड़ हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. बूंदी में भी बीते 20 दिनों में आधा दर्जन छोटे-बड़े हादसे सामने आ चुके हैं. अब प्रशासन ने साफ कह दिया है कि लापरवाही नहीं चलेगी. जिला शिक्षा अधिकारी कुंजबिहारी भारद्वाज ने बताया कि सभी जर्जर भवन तोड़े जा रहे हैं. बच्चों को वैकल्पिक भवनों में शिफ्ट कर दिया गया है. अब किसी भी छात्र की जान पर खतरा नहीं रहने दिया जाएगा.




















