जयपुर: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर अब तक राजस्थान में कितना काम हुआ, इसका फीडबैक लेने मंगलवार को राष्ट्रीय एससी आयोग जयपुर पहुंचा.
आयोग अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि दलित वर्ग के लिए केंद्रीय योजनाओं का लाभ धरातल पर एससी वर्ग के लोगों को मिलना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिए कि जितना पैसा योजनाओं के मद में है, उसे उनके उत्थान पर खर्च किया जाए. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सुनिश्चित करें कि योजना का वास्तविक लाभ सीधे एससी वर्ग तक पहुंचे. राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना, आयोग सदस्य, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी सचिवालय में समीक्षा बैठक में मौजूद रहे.
परफॉर्मेंस 90 फीसदी से ज्यादा: बैठक के बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मीडिया को बताया कि प्रदेश में दलितों के उत्थान के लिए राज्य सरकार की योजनाओं की परफॉर्मेंस 90 प्रतिशत से ज्यादा है. राज्य व केंद्र सरकार और एससी आयोग मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने बैठक को अनुसूचित जाति के उत्थान की दिशा में सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम बताया.
2022 के बाद राजस्थान में पहली बैठक: मंत्री गहलोत ने कहा कि साल 2022 के बाद पहली बार राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राजस्थान में आकर बड़ी समीक्षा बैठक की. एससी वर्ग के लिए राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं में जनसंख्या के हिसाब से बजट आवंटित होना चाहिए. दो दिवसीय जयपुर दौरे आए आयोग सदस्य बुधवार को भी विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करेंगे. अनुसूचित जाति से जुड़े जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर राज्य में दलित अत्याचार से जुड़े मामलों और लंबित प्रकरणों की भी जानकारी लेंगे.




















