धौलपुर: आसमान से बारिश के रूप में बरस रही राहत की बूंदें अब आफत बनती जा रही है. हाड़ौती क्षेत्र में मूसलाधार बारिश की वजह से कोटा बैराज से छोड़े करीब तीन लाख क्यूसेक पानी ने धौलपुर जिले में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए. चंबल नदी किनारे बसे सरमथुरा, बाड़ी, धौलपुर एवं राजाखेड़ा उपखंड के करीब 60 गांवों पर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया. जिले में चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.61 मीटर ऊपर पहुंच गया. चंबल में खतरे का निशान 130.79 मीटर है, जबकि जलस्तर 133.40 मीटर चल रहा है. इसे लेकर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया.
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र मीणा ने बताया कि डांग क्षेत्र में जोरदार वर्षा की वजह से पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की भारी आवक हुई. विभाग ने सोमवार रात बांध के चार गेट 3-3 फीट खोले. पार्वती नदी का करीब 5000 क्यूसेक पानी रिलीज किया. पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की लगातार आवक हो रही है. बांध की भराव क्षमता 223.41 मीटर है, जबकि गेज 223 मीटर पहुंच गया. उर्मिला सागर भी ओवरफ्लो है. उसकी भराव क्षमता 29 फीट है. बांध का गेज 30 फीट होने पर धौलपुर-करौली हाईवे को खनपुरा के पास काटकर पानी डाइवर्ट किया. पार्वती नदी के तटीय क्षेत्र में लोगों को अलर्ट किया. जिले में अभी औसतन 92 फीसदी बारिश हो चुकी है. पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी है.
पुलिया पर बह गई ट्रॉली: प्रशासन के बार बार अलर्ट के बावजूद लोग खतरा उठाने से बाज नहीं आ रहे. नुनहेरा और नीमखेड़ा के मध्य पुलिया पर चालक ने लापरवाहीपूर्वक ढंग से ट्रैक्टर ट्रॉली तेज बहाव में उतार दी. पानी ट्रॉली को खींच ले गया. ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई.चालक ने तैरकर जान बचाई. इस मानसूनी सीजन में करीब आठ लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है.




















