धौलपुर : हाड़ौती संभाग में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. सुबह से ही भारी बारिश हो रही है. कई जगहों पर बीते 40 घंटे से बारिश हो रही है. इसके चलते जल भराव जैसे हालात हो गए हैं. हाड़ौती की बड़ी नदियों के साथ-साथ उनके सहायक नदियों में भी उफान आ गया है. ऐसे में करीब एक दर्जन से ज्यादा नदियां उफान पर हैं. इसके अलावा गांव की खाड़ी (नाले) भी काफी उफान पर हैं, जिससे हादसे होने की आशंका है. इन नालों ने कई रास्तों को बंद कर दिया है. इनके तेज बहाव में पुलिया भी टूट कर बह गई है, जिन्हें मिलकर हाड़ौती में 50 से ज्यादा रास्ते बंद हैं. वहीं, धौलपुर में भी गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिसके बाद गांव खाली कराया जा रहा है.
मध्य प्रदेश से आ रहा पानी : बूंदी में लाखेरी के नजदीक कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाईवे पर मेज नदी की पुलिया पर खतरा बना हुआ है. पुलिया को फिलहाल बंद कर दिया है. इस रूट के ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है. हाड़ौती में कालीसिंध, परवन, पार्वती, चंबल, अरू, पाटली, नांगली, ताकली, उजाड़, सुखनी, छापी, अंधेरी, रेणुका, कूल, बाणगंगा, चंवली, आहू व मेज नदी सहित अन्य सहायक नदियां भी उफान पर हैं. बारां के नाहरगढ़ एरिया पहले से ही मध्य प्रदेश से आ रहे पानी के चलते डूब में तब्दील हो रखा है. बारां जिले के छबड़ा की टावर कॉलोनी में भी पानी प्रवेश कर गया है. बारां जिले के छबड़ा में भारी बारिश के चलते गूगल में किले की दीवार के पत्थर ढह गए हैं. इसी तरह से केलवाड़ा के जैसवा के गांव में एक घर की छत गिर गई है. हालांकि, घर में सो रहे 5 सदस्य तुरंत बाहर चले गए थे. इसके अलावा कोटा के खातौली इलाके में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं.
खातौली में लोगों को किया गया शिफ्ट : खातौली कस्बे में बाढ़ जैसे हालात में प्रशासन ने निचली बस्तियों को खाली करना शुरू कर दिया है. लगातार पार्वती नदी में पानी की आवक हो रही है. साथ ही प्रशासन मुनादी भी कर रहा है. थानाधिकारी मंशीराम बिश्नोई ने बताया कि लगातार पानी की आवक होने से एहतियात बरत रहे हैं. एसडीएम तहसीलदार अरुण सिंह सहित प्रशासन ग्रामीणों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करवा रहे हैं और सतर्कता बरतने के लिए कह रहे हैं. वहीं, पीपल्दा क्षेत्र में मदनपुरा, गोवर्धनपुरा, संग्रामपुरा, रघुनाथपुरा, डोली, नारायणपुरा, किरपुरिया, ख्यावदा, कजलिया सहित कई गांव टापू बन गए हैं.
कच्चा मकान गिरने से बुजुर्ग की मौत : कोटा के बूढ़ादीत थाना क्षेत्र के झाड़ गांव में एक कच्चे घर की दीवार ढहने से 79 वर्षीय खेमराज मीणा की मौत हो गई है, जबकि उनका मूकबधिर बेटा धनराज मलबा गिरने से घायल हो गया है. सुल्तानपुर पंचायत समिति के सारोला पंचायत का कचनावडा गांव में बुजुर्ग की मृत्यु हो गई थी. शमशान में टीनशेड नहीं था, ऐसे में त्रिपाल की मदद से अंतिम संस्कार किया गया है.
ये रास्ते हैं बंद, कई जगह 35 से 40 फीट पानी
- चंबल नदी की झरेल की पुलिया पर पानी 22 जून से ही यह रास्ता बंद है, जिसे सवा महीने के आसपास हो गया है. इससे कोटा जिले के खातौली एरिया का सीधा संपर्क सवाई माधोपुर से टूटा हुआ है. वर्तमान में चंबल नदी की इस पुलिया पर कारी 35 से 40 फीट पानी है. यहां पर स्थित झरेल के बालाजी का मंदिर भी पूरी तरह से जलमग्न है.
- मध्य प्रदेश सरकार ने खातौली के नजदीक पार्वती नदी पर पुल बनाया था. यह सबमर्सिबल पुल था, जो इस बार बारिश में डूब गया है. इससे पहले राजस्थान सरकार का बनाया पुल भी अक्सर डूब जाया करता था. इस बार नया बना हुआ पुल, जिस पर से इस साल ही ट्रैफिक शुरू हुआ था, वह भी डूब गया है. इसके चलते मध्य प्रदेश का खातौली से संपर्क टूट गया है.
- कोटा जिले के अयाना के नजदीक पार्वती नदी की सुरताक क्वांजापुर की पुलिया पर पानी आ जाने के चलते कोटा का मध्य प्रदेश के बडौदा श्योपुर से संपर्क कट गया है. यह सड़क मार्ग का सबसे ज्यादा उपयोग बारां जिले के लोग मध्य प्रदेश के श्योपुर जाने के लिए करते हैं.
- बूंदी जिले के लाखेरी के नजदीक मेज नदी की पापड़ी पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है. इसे देखने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे. इसके बाद इस पुलिया पर से आवागमन फिलहाल रोक दिया गया है. साथ ही इस पर से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के सवाई माधोपुर और लबान इंटरचेंज के बीच का ट्रैफिक चल रहा था, जिसे भी डायवर्ट किया गया है. इसे उनियारा होकर निकाला जा रहा है. आधा दर्जन अन्य मार्ग पर भी आवागमन बाधित है.
ये रास्ते भी बंद : बंद होने वाले अन्य रास्तों में झालावाड़ में इकलेरा से सारोला स्टेट हाईवे है. इसमें छापी नदी का पानी पुलिया पर आ गया है. बारां जिले में 14 रास्ते बंद हैं, जिनमें मांगरोल से बड़ौदा श्योपुर, बारां झालावाड़ मेगा हाईवे, रामगढ़ से मांगरोल, हरनावदा से कामखेड़ा, छबड़ा से भूलोन, भंवरगढ़ से नाहरगढ़, केलवाड़ा से जैतपुरा, बराना से जलवाड़ा, छबड़ा से छीपाबड़ौद, छबड़ा से कवाई, नाहरगढ़ से घीन्घचा, कस्बा थाना से बिलखेड़ा डांग, कालापट्टा से बडौद एमपी और कुंजेड से सकतपुर सड़क मार्ग शामिल है. कोटा जिले में सुकेत से जुल्मी रोड, देवली माझी से ढोटी, नोनेरा से नारायणपुरा, गैंता से कीरपुरा, चेचट से चंद्रपुरा रोड भी बंद हैं.
सड़क पर आया मगरमच्छ : शहर के बजरंग नगर में नहर के नजदीक एक 9 फीट लंबा मगरमच्छ देर रात को पहुंच गया था. वन विभाग को भी इसकी सूचना मिली थी, जिसके बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू किया गया है. फॉरेस्ट विभाग के वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि वह मंगलवार देर रात करीब 1 बजे पहुंच गए थे, लेकिन भारी बारिश हो रही थी. इसके चलते रेस्क्यू करने में काफी समय लगा. इसके बाद उसे 2:45 बजे रेस्क्यू किया गया. इसे ले जाकर वाटर फिल्टर प्लांट शिवपुर के नजदीक चंबल नदी में छोड़ा है. यह मगरमच्छ 9 फीट लंबा और करीब 100 किलो वजनी था.
चंबल नदी उफान पर, गांव खाली कराए जा रहे : धौलपुर के राजाखेड़ा में कोटा बैराज के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के चलते बांध से पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी उफान पर है. राजाखेड़ा की ग्राम पंचायत बसई घीयाराम के गांव अंधियारी की रपट पर पानी की भारी आवक हो चुकी है. ऐसे में रपट के दूसरी ओर बसे आधा दर्शन गांव गढ़ी जाफर, दगरा, बरसला, हेतसिंह का पुरा, खोड़ आदि गांव का उपखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है. राजाखेड़ा एसडीएम वर्षा मीना ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए अंधयारी गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित ऊंचे स्थान पर पहुंचने की हिदायत दी गई है. ग्रामीण अपने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. गांव में मेडिकल टीम को तैनात किया गया है. इसी के साथ एसडीआरएफ टीम को भी सक्रिय किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर तैनात किया जाएगा.




















