झालावाड़: जिले के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा गांव पहुंचे. उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों व घायल बच्चों के परिवारों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की. डोटासरा ने कहा कि हादसे की जिम्मेदारी गांव के सरपंच की है जिसने प्लास्टिक की सीट लगाकर स्कूल की मरम्मत करवाई. हादसे के तुरंत बाद स्कूल भवन को गिराया गया ताकि सबूत मिटाया जा सके.
प्रशासन पर गंभीर आरोप: डोटासरा ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद रात में ही बच्चों का दाह संस्कार करने का दबाव बनाया गया और गांववालों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए. उन्होंने कहा, “ऐसी तानाशाही तो हिटलर के जमाने में भी नहीं हुई थी.” उन्होंने सवाल उठाया कि विमान हादसे में मृतकों को एक करोड़ रुपए मिले, लेकिन स्कूल हादसे में सिर्फ 10 लाख देकर सरकार इति श्री कर रही है. उन्होंने मांग की कि घायलों को भी एक-एक करोड़ रुपए की सहायता दी जाए.
सरपंच और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग: डोटासरा ने कहा कि जिन लोगों की जिम्मेदारी थी, उन्होंने लापरवाही बरती और इसी कारण यह हादसा हुआ, उन पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. गांव में शोक का माहौल है और लोगों में सरपंच व स्थानीय विधायक के खिलाफ गहरा आक्रोश है. डोटासरा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के निर्देश पर वह गांव पहुंचे हैं. उन्होंने मृतक परिजनों को एक-एक लाख और घायलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी है. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी जनसहयोग की अपील की.
भाजपा पर दोहरी नीति का आरोप: डोटासरा ने कहा कि भाजपा हमेशा दोहरी नीति अपनाती है. सरपंच पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले गलती करती है और फिर सबूत मिटा देती है ताकि कोई सवाल न उठे. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने तो विमान हादसे के लिए भी नेहरू और इंदिरा गांधी को जिम्मेदार ठहराया था. इस दौरान डोटासरा के साथ पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर, पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे.




















