कोटा: जिले में झमाझम ने नदी-नाले उफान पर ला दिए. जिले के रामगंजमंडी इलाके में लगातार कई घंटे हुई बारिश से नदी, नाले और खालें उफनकर पानी बस्तियों में घुस गया. आसपास के कई गांव भी चपेट में आ गए. रामगंज मंडी क्षेत्र में बाढ़ के हालात हैं. कुदायला, देवली खुर्द, रावली व खैराबाद और सातलखेड़ी की बस्तियां डूबी हुई है. कुंभकोट में हालत ज्यादा बिगड़े हैं. कुदायला खाल का पानी घरों में घुस गया. उधर, कोटा बैराज से 2.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. यह पानी निचली बस्तियों में भर गया. कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी किया गया है. बहाव क्षेत्र के आसपास पुलिस और प्रशासन ने ड्यूटी लगाई है.
रामगंज मंडी थाना अधिकारी मनोज सिंह सिकरवार ने बताया कि रामगंज मंडी से सुकेत स्टेट हाईवे 9बी पर कुदायला का खाल आने के चलते मार्ग अवरुद्ध हो गया. लोगों को ढाबादेह व मोड़क होकर जाना पड़ रहा है. रेस्क्यू अभियान चला रखा है. कुदायला खाल के पानी से घिरी बस्तियों से लोगों को निकाल रहे हैं. हरसंभव मदद कर रहे हैं. खैराबाद में रात में भरा पानी उतर रहा है. कई जगह जलभराव है.
कच्चे मकान गिरने का खतरा: लगातार बारिश से हालात विकट हो गए. कुंभकोट, चारण बस्ती समेत कई बस्तियों में कच्चे और पक्के मकानों में पानी घुस गया. कच्चे घरों के गिरने का खतरा है. अचानक आए पानी से लोग सामान नहीं बचा पाए व सब छोड़कर बस्ती से निकलना पड़ा. घरों में राशन, बिस्तर डूब गए. हालांकि कुछ घंटे से बारिश रुकी हुई है. महावीर चारण ने कहा कि कुंभकोट चारण मोहल्ले में बाढ़ जैसे हालात हैं. रेस्क्यू टीम बुलाकर लोगों को घरों से निकाला जाएं.
निचली बस्तियों में चंबल का पानी: इधर, चंबल नदी में पानी की भारी आवक हो रही है. कैचमेंट एरिया में हुई बारिश का पानी आ रहा है. राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध व कोटा बैराज से पानी की निकासी की जा रही है.यह निकासी 2.90 लाख क्यूसेक है. इसके चलते चंबल नदी के खाई रोड एरिया पर आवागमन बंद कर दिया गया. चंबल नदी की रियासतकालीन पुलिया के दोनों छोरों पर पुलिस तैनात है.कोटा की निचली बस्तियों में पानी घुस गया. रेस्क्यू टीम अलर्ट है. बस्तियों में मुनादी करा दी गई. ईस्माइल चौक नयापुरा खाल, बृजराज कॉलोनी, खंड गावड़ी, खेडली फाटक क्षेत्र के निचले इलाके में पानी भरा है. विषैला जीव जंतु, मगरमच्छ के आने का खतरा है. प्रशासन ने इनके लिए अस्थाई रैन बसेरा नयापुरा में मोंटेसरी और बाग स्कूल में बनाया है.
बच्चों और ग्रामीणों को रेस्क्यू कर निकाला : रामगंजमंडी तहसीलदार नेहा वर्मा का कहना है कि अतिवृष्टि के चलते जल भराव हुआ है. इससे जनजीवन प्रभावित हुआ है. एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम लगी हुई. कुछ जगह पर शमशान और घर या अन्य भवनों की दीवार गिरने की घटनाएं हुई है. हालांकि जनहानि और पशुहानि नहीं हुई है. उनका कहना है कि कुदायला, कुम्भकोट, देवली खुर्द, सातलखेड़ी, खैराबाद, मंडा और कुरेडा गांव में जल भराव जैसी स्थिति थी. पानी अब धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है, लेकिन कुदायला की बस्ती को हमने ग्राम पंचायत भवन में शिफ्ट किया है. देवली खुर्द गांव में भी पानी भर गया था, जिसके बाद घरों से बच्चों का रेस्क्यू किया गया है. हालांकि घर में बड़े लोग मौजूद हैं, वह निकालना नहीं चाह रहे हैं.
चंबल के तीन बांधों से निकासी: जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता नितेश कुमार ने बताया कि कोटा बैराज से देर रात 1:00 बजे पानी की निकासी शुरू की. लगातार बढ़ते हुए 2.90 लाख क्यूसेक पर ले जाया गया. इसके लिए कोटा बैराज के 12 गेट खोले हैं. इसी तरह से जवाहर सागर बांध से 2.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं. अधिशासी अभियंता हरीश तिवाड़ी ने बताया कि राणा प्रताप सागर बांध से इस सीजन में दूसरी बार पानी की निकासी की है. इसके तहत मशीन और गेट मिलाकर 1.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.




















