राजस्थान में मानसून पूरी रफ्तार में है। बुधवार को उत्तर-पूर्वी जिलों में तेज बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए जयपुर, अजमेर, कोटा, सीकर समेत 27 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले दो से तीन दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई जगहों पर जलभराव, तापमान में गिरावट और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
हनुमानगढ़ में बुधवार को 9 घंटे तक लगातार बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। कलेक्टर और एसपी कार्यालय तक पानी में डूब गए। घरों में पानी घुस गया, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू और हनुमानगढ़ में बारिश के साथ तेज आंधी भी चली, जिससे तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
बनास नदी में युवक की मौत
सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र में स्थित बनास नदी की रपट पर बुधवार को नहा रहे एक युवक की डूबने से मौत हो गई। तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण युवक बह गया। SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी।
भरतपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश
भरतपुर जिले के पहाड़ी में बीते 24 घंटे में 42 मिमी, भुसावर में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में 20 मिमी, अलवर में 16 मिमी, खैरथल में 36 मिमी और श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में 28 मिमी बरसात हुई।
फतेहपुर, चूरू, सीकर, पिलानी, झुंझुनूं समेत कई अन्य इलाकों में भी रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा
तापमान में भी गिरावट
लगातार बारिश के कारण तापमान में भी राहत देखने को मिली। बुधवार को श्रीगंगानगर में 34.8, चूरू में 36.2, बीकानेर में 36.8, हनुमानगढ़ में 34.1, सीकर में 35.2, कोटा में 34 और अजमेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे तापमान ने लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत दी।
13 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर एक लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय है। यह सिस्टम अगले एक-दो दिन में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसके असर से 11 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के पास न जाएं, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
राजस्थान में इस बार मानसून औसत से काफी तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहा है। 1 जून से 8 जुलाई तक प्रदेश में 121 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो आने वाले समय में और बढ़ सकती है।




















