अजमेर: विश्वभर में हिंदुस्तान का नाम रोशन करने वाली वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर इमरोज़ खान अब्बासी सोमवार को अजमेर शरीफ पहुंचीं. इस दौरान भारत की बेटी और गोल्ड मेडलिस्ट इमरोज़ खान का मुस्लिम समाज की ओर से जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया.
अमेरिका में जीता गोल्ड मेडल: झांसी की रहने वाली 28 वर्षीय वूमेन बॉक्सर इमरोज़ खान ने 5 जुलाई 2025 को अमेरिका के वॉर्मिंगहम में आयोजित वर्ल्ड पुलिस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था. वहां उन्होंने अपने नॉकआउट पंच से मुकाबले में अन्य खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया और वर्ल्ड चैंपियन बनीं. इमरोज़ खान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं.
अजमेर शरीफ में शुक्राना और दुआ: गोल्ड मेडल जीतने के बाद इमरोज़ खान अब्बासी अजमेर शरीफ दरगाह पर पहुंचीं. यहां उन्होंने हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में अकीदत की चादर और फूल पेश किए. इस मौके पर उन्होंने अपनी जिंदगी की कामयाबी का शुक्राना अदा किया. दरगाह की हाज़री के बाद उन्हें ख़ुद्दामें ख्वाजा की ओर से दुआएं दी गईं और दरबार का तबर्रुक भी भेंट किया गया.
बुजुर्गों की दुआ और माता-पिता का सहयोग: इमरोज़ खान ने कहा कि उनकी सफलता का राज बुजुर्गों की दुआ और माता-पिता का भरपूर सहयोग है. उन्होंने कहा कि अगर जीवन में कामयाबी हासिल करनी है तो बुरे लोगों और बुराइयों से दूर रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर अपनी शक्तियों का सम्मान और सही दिशा में उपयोग करें तो वे समाज और देश दोनों का नाम रोशन कर सकती हैं. इमरोज़ खान ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हर महिला में ताकत है, बस जरूरत है उसे पहचानने और सही रास्ते पर चलने की.




















