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Bhilwara : पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर जन्मदिन मंदिर या गौशाला में जाकर सेवा-कार्य के साथ मनावे

Bhilwara : पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर जन्मदिन मंदिर या गौशाला में जाकर सेवा-कार्य के साथ मनावे
Bhilwara : पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर जन्मदिन मंदिर या गौशाला में जाकर सेवा-कार्य के साथ मनावे: गोविंद प्रसाद सोडाणी

बाल संस्कार शिविर का दूसरा दिन, अनुशासन और देशप्रेम के पाठ से महका बच्चों का बचपन

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) :  बचपन के संस्कार ही जीवन भर का मजबूत आधार बनते हैं। इसी मूलमंत्र के साथ भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा की ओर से आयोजित पांच दिवसीय बाल संस्कार शिविर के दूसरे दिन बच्चों ने भारतीय संस्कृति, अनुशासन और देशप्रेम का पाठ पढ़ा। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम गान के साथ हुई, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

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शिविर के द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगेश आचार्य एवं शाखा सदस्य सीए मुकेश नवाल ने बच्चों को सनातन परंपरा के अनुसार ध्वज प्रणाम की वैज्ञानिक व व्यावहारिक पद्धति की जानकारी दी और इसका सघन अभ्यास करवाया।

इस दौरान बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि सीखी। वक्ताओं ने बच्चों को भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा और आगामी गुरु पूर्णिमा पर्व के पावन महत्व से भी अवगत कराया।

शिविर में सांस्कृतिक व आध्यात्मिक चेतना जागृत करते हुए शाखा सदस्या मधुबाला यादव ने बच्चों को सर्वे भवन्तु सुखिनः महामंत्र का सस्वर उच्चारण करवाया। इसके बाद बच्चों ने जोश और उत्साह के साथ देशभक्ति गीत गूंज उठी है हल्दी घाटी एवं प्रेरणास्पद गीत एक कदम दुनिया से आगे लोग वही चलते हैं का गायन किया।

गीत-संगीत के बाद बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल सत्र का आयोजन किया गया। इसमें योगेश आचार्य, भव्य प्रताप सिंह यादव एवं मधुबाला यादव के निर्देशन में बच्चों को तीन अलग-अलग समूहों में बांटकर ज्ञानवर्धक और मनोरंजक खेल खिलाए गए।

सत्र के मुख्य वक्ता एवं पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जो बच्चे बचपन से ही माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेते हैं, वे जीवन में हमेशा उन्नति करते हैं।

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सोडाणी ने बच्चों को पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर अपने घर के सदस्यों का जन्मदिन मंदिर या गौशाला में जाकर सेवा-कार्य के साथ मनाने के लिए प्रेरित किया, जिस पर बच्चों ने हर्ष के साथ अपनी सहमति जताई।

शिविर के दूसरे दिन बच्चों में भारी उत्साह देखा गया और कुल 125 संभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान भगत सिंह शाखा के सचिव मुकेश छीपा एवं कोषाध्यक्ष सावन मालीवाल ने शिविर का विशेष अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की।

Bhilwara : पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर जन्मदिन मंदिर या गौशाला में जाकर सेवा-कार्य के साथ मनावे

सत्र के समापन पर सभी बच्चों को सामूहिक ऊॅ उच्चारण करवाकर उपहार वितरित किए गए। इस अवसर पर शाखा के प्रेम नारायण मिश्रा, सतीश बोहरा, विजय भारती कपूर, उमा मिश्रा, निशा सैकड़ा, मोहिनी अग्रवाल, साधना गौतम, निर्मला नवाल, रेखा राठौड़, रंजना शर्मा, कृष्णा अग्रवाल सहित कई सदस्य व्यवस्थाओं को संभालने में मुस्तैद रहे।

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