जोधपुर: सूर्यनगरी में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के दूसरे दिन विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. इस दौरान महिला संगठनों ने समाज जीवन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में अपने विचार रखे और बताया कि विविध गतिविधियां एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को समाज के हर क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है. बैठक में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने जानकारी दी कि संघ शताब्दी वर्ष विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों पर विस्तार से विमर्श किया गया.
सक्षम का अनूठा नेत्र कुंभ: बैठक में सक्षम संगठन की ओर से रामदेवरा में आयोजित नेत्र कुंभ की जानकारी भी साझा की गई. यह आयोजन 01 अगस्त से 02 सितंबर तक 33 दिनों तक चला, जिसमें 1,00,797 लोगों की नेत्र जांच की गई. इनमें से 85,337 लाभार्थियों को चश्मा वितरित किया गया और 6,234 रोगियों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया, जिनका शीघ्र ही उपचार किया जाएगा. इस अनूठे प्रयोग को सीमा क्षेत्र में पहली बार आयोजित किया गया और इसमें स्थानीय लोगों के साथ देशभर से आए बाबा रामदेव भक्तों ने भी उत्साह से भाग लिया.
सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चर्चा: सहकारिता की भावना को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए दुग्ध संघों की भूमिका पर चर्चा की गई. वहीं विश्व हिंदू परिषद ने नशा उन्मूलन और उसके दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए चलाए जा रहे जनजागरण अभियान की जानकारी प्रस्तुत की. भारत विकास परिषद ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति बताई. भारतीय किसान संघ ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक पद्धति अपनाने की योजनाओं को साझा किया. स्वदेशी जागरण मंच ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी.
बैठक स्थल पर सजावट और भोजन की व्यवस्था शाखा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने संभाली. भोजन वितरण की जिम्मेदारी स्थानीय स्वयंसेवकों पर थी, जबकि परिसर को रंगोली और पौधों से सजाया गया. भोजन और जलपान की व्यवस्था में केवल धातु के पात्रों का उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरण और संस्कृति दोनों की झलक दिखाई दी. यह समन्वय बैठक रविवार, 07 सितंबर 2025 को संपन्न होगी. समापन सत्र में संघ शताब्दी वर्ष सहित विभिन्न संगठनों की योजनाओं और कार्यक्रमों पर अंतिम रूप से चर्चा की जाएगी.




















