धौलपुर: जिले में तीन दिन से जारी बारिश ने त्राहिमाम मचा दिया. कैचमेंट एरिया में पानी की जोरदार आवक के चलते पार्वती बांध के चार गेट खोलने पड़े. इसका पानी पार्वती नदी में छोड़ा गया. इससे पार्वती नदी उफान पर आ गई और कई सड़क मार्ग पर 4 से 6 फीट की चादर चल रही है. कई जगह आवागमन बाधित हो गया. कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया.
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि पार्वती बांध की भराव क्षमता 223.41 मीटर है, जबकि गेज लेवल 223.30 मीटर पहुंच गया. गेज नियंत्रण करने के लिए करीब 4500 क्यूसेक पानी पार्वती नदी में छोड़ा. वहीं, सीओ अनूप कुमार यादव ने बताया कि जिन रपट मार्गों पर चादर चल रही है, वहां पुलिस लगा दी है. नदी पार करने पर पूरी पाबंदी है. रविवार शाम सैपऊ-बाड़ी रपट मार्ग पर पानी पहुंच गया था. रात को भी जोरदार बारिश हुई. पार्वती नदी उफान पर होने की वजह से सखवारा रपट मार्ग, मालोनी खुर्द रपट मार्ग, राडोली रपट मार्ग,नागर रपट मार्ग,नादोली रपट मार्ग समेत ठेकुली रपट मार्ग पर करीब 4 से 6 फीट पानी की चादर चल रही है.
सहायक अभियंता पपेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि करौली और डांग क्षेत्र से भी बांध में पानी की आवक हो रही है. हर घंटे गेज अपडेट लिया जा रहा है. आगामी समय में और भी गेट खोले जा सकते हैं. मीणा ने बताया औसतन जिले में 125 प्रतिशत बारिश हो चुकी है. पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय है. सभी जलाशय लबालब हैं. कई जगह जलभराव के हालात हैं. उन्होंने बताया का भारी बारिश के चलते खरीफ की फसलों को काफी नुकसान हुआ है.




















