अजमेर: बारिश की मार के बाद अजमेर में अब गौवंश में लंपी वायरस की दस्तक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. लंपी वायरस के दो मामले सामने आने पर पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. दोनों गौवंश को पंचशील स्थित गौशाला में आइसोलेट किया गया है. जिले में सभी ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं. किसानों को भी सजग रहने और गौवंश में लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर तुरंत पशुपालन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है.
इस बार वैसे ही मानसून की अधिक मेहरबानी से किसानों की फसल चौपट हो गई है, ऐसे में किसान पशुपालन पर निर्भर हो चुके हैं. लंपी वायरस की जिले में एंट्री ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील घीया ने बताया कि लंपी ग्रस्त दोनों गौवंश शहरी सीमा में पाए गए हैं. इनमें से एक प्रभात सिनेमा हॉल क्षेत्र से मिला है, वहीं दूसरा पंचशील क्षेत्र में मिला है. दोनों गायों में लंपी वायरस की सूचना मिलते ही उन्हें मौके से पंचशील स्थित कांजी हाउस में रखवाया गया, जहां वरिष्ठ चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं. फिलहाल दोनों गायों की हालत में सुधार है. इनमें से एक गाय में लंबे समय से लंपी वायरस पाया गया है.
डॉ. घीया ने बताया कि जिले में समस्त संस्थान प्रभारियों को गौशालाओं और फील्ड में लगातार दौरे करने के लिए कहा गया है, यदि किसी गौवंश में लंपी वायरस पाया जाता है, तो तुरंत विभाग के जिला कार्यालय को सूचित करें. पशु को आइसोलेट करके उसका उपचार शुरू कर दें, ताकि दूसरे गौवंश संक्रमित न हों.
ऐसे फैलता है लंपी वायरस: डॉ. घीया ने बताया कि गौवंश को रखने के स्थान पर साफ-सफाई होनी चाहिए, यदि गौवंश में चिचड़े, जूए हैं, तो उन्हें स्प्रे से नष्ट करें. मच्छर-मक्खियों के लिए धुआं करें. जिले में एडवाइजरी जारी की गई है. उन्होंने बताया कि जुएं, चिचड़ों, मच्छर और मक्खियों से यह संक्रमण एक से दूसरे गौवंश में फैलता है, यदि जुए, चिचड़ों, मच्छर और मक्खियों को स्प्रे से नष्ट कर दिया जाए, तो संक्रमण पर रोक लग जाती है.
पशुपालकों से अपील: पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि पशुपालकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने क्षेत्र में यदि लंपी वायरस से ग्रसित गौवंश देखें, तो तुरंत निकटतम पशुपालन विभाग के कार्यालय में सूचना दें, ताकि समय रहते पशु को आइसोलेट कर जरूरी कार्रवाई की जा सके और संक्रमण को रोका जा सके. डॉ. घीया ने बताया कि चार माह से अधिक आयु के पशुओं का वैक्सीनेशन का कार्य हो चुका है. जिले में तीन लाख पशुओं को वैक्सीन लगी है. उन्होंने बताया कि फिलहाल घबराने वाली स्थिति नहीं है. पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित हो चुकी है, अन्य जिलों में भी लंपी के मामले आए थे, जो ज्यादा गंभीर लक्षण वाले नहीं थे और संक्रमित पशु ठीक भी हो गए हैं. लंपी से जिले में किसी पशु की मृत्यु की सूचना नहीं है.
2021 में पुष्कर पशु मेला हो चुका है स्थगित: वर्ष 2021 में प्रदेश भर में लंपी वायरस का प्रकोप रहा था. इस कारण अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला स्थगित किया गया था. इस बार 22 अक्टूबर से पुष्कर पशु मेला शुरू होने जा रहा है.




















