जयपुर : राजस्थान की 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र 1 सितंबर से शुरू होगा. सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ अन्य दल तैयारियां को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. मानसून सत्र छोटा रहने की उम्मीद है. हालांकि, इसमें हंगामे के पूरे आसार हैं. सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर विपक्ष ने पहले ही मंशा साफ कर दी कि सत्र भले छोटा हो, लेकिन हंगामा बड़ा ही होगा. विपक्ष सदन में सत्ता पक्ष घेरने की तैयारी और सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और जवाबी हमले की तैयारी में जुटा है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को तैयारी के साथ सदन में जाने की हिदायत दी है. सदन में सीएमओ से जुड़े सवाल जवाब भी होंगे. इसके लिए पांच मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है. ये सभी पांचों मंत्री विभागवार सदन में CMO से जुड़े विभागों के सवालों के जवाब देंगे. इन मंत्रियों में डिप्टी सीएम दीया कुमारी, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधि मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम शामिल हैं.
इन मंत्रियों को जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री के वशिष्ठ सचिव संदेश नायक के अनुसार, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी आबकारी विभाग, आयोजना, कराधान, आयोजना (जनशक्ति) एवं सांख्यिकी विभाग से जुड़े सवालों का जवाब देंगी. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खान एवं पेट्रोलियम, मत्स्य, राजकीय उपक्रम, अप्रवासी भारतीय, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता एवं इंदिरा गांधी नहर विभाग का जिम्मा दिया है. विधि एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री जोगाराम पटेल को कार्मिक, नीति निर्धारण प्रकोष्ठ मुख्यमंत्री सचिवालय, प्रशासनिक सुधार और समन्वय, सामान्य प्रशासन, सम्पदा, निर्वाचन, मंत्रिमंडल सचिवालय, राजस्थान स्टेट मोटर गैराज, मुद्रण और लेखन सामग्री, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की जिम्मेदारी दी है. खाद्य मंत्री सुमित गोदारा को सूचना एवं जनसम्पर्क, शांति एवं अहिंसा, कृषि विपणन, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ, श्रम, कारखाना और बायलर्स निरीक्षण का जवाब देंगे. गृह राज्यमंत्री जवाहर बेढम को गृह, एसीबी एवं जेल विभाग से जुड़े सवालों के जवाब के लिए अधिकृत किया है.




















