जोधपुर: दो दिवसीय यात्रा पर जोधपुर आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगवानी के लिए गुरुवार को एयरपोर्ट पर पहुंचे ओसिया विधायक भैराराम सियोल जोरदार नाराज हो गए. उन्होंने जिले के प्रोटोकॉल अधिकारी को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए कहा, ‘सीएमओ से फोन आता है कि मुख्यमंत्री आ रहे हैं, आप पहुंचे. यहां एयरपोर्ट पर हमारा नाम नहीं है. हम अपना स्वाभिमान लेकर आते हैं, कोई बेइज्जती करवाने नहीं आते हैं.’ विधायक के तेज आवाज में बोलने से हलचल मच गई. अधिकारी भी सकते में आ गए. इस दौरान प्रोटोकॉल अधिकारी विवेक व्यास पहुंचे और उन्होंने विधायक को समझाने की कोशिश की, लेकिन भैराराम शांत नहीं हुए. इसी बीच उनके साथ आए शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने भी सियोल का नाम नहीं होने पर नाराजगी जताई. वे उन्हें मनाकर साथ ले गए.
दरअसल, मुख्यमंत्री के आगमन पर जिले के भाजपा विधायक और संगठन के पदाधिकारी एयरपोर्ट के अंदर जाकर उनकी अगवानी करते हैं. इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा नाम एयरपोर्ट अथॉरिटी को दिए जाते हैं, जिससे उनके पास व बैज बनते हैं, लेकिन इस बार सूची में भैराराम का नाम नहीं था, जिससे बखेड़ा खड़ा हो गया.
बेनीवाल ने साधा निशाना, ‘जीतने के बाद क्या स्थिति?’: एयरपोर्ट पर हुए इस घटनाक्रम पर खींवसर-नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर इसे किसान वर्ग के विधायक का अपमान बताया. बेनीवाल ने लिखा, ‘जोधपुर में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री के जोधपुर एयरपोर्ट पर आगमन कार्यक्रम में उनकी अगवानी करने वाले नेताओं की सूची में जोधपुर जिले के भाजपा पदाधिकारियों व सीएमओ के इशारे पर जोधपुर संभाग से भाजपा के एकमात्र जाट विधायक, विधानसभा में ओसियां विधानसभा का नेतृत्व करने वाले भैराराम सियोल का नाम नहीं होना किसान कौम का अपमान है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. शासन-प्रशासन के ऐसे कृत्य की हम निंदा करते हैं. अब किसान वर्ग को यह सोचने की जरूरत है कि भाजपा में चुनाव जीतने के बाद भी उनके समाज के प्रतिनिधियों की क्या स्थिति है?’
सियोल किसी कार्यक्रम में नहीं दिखे: एयरपोर्ट पर हुए इस घटनाक्रम के बाद भैराराम सियोल मुख्यमंत्री के किसी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए. मेहरानगढ़ के 8 हॉल में शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह और बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग पहुंचे, लेकिन ओसियां विधायक भैराराम सियोल वहां नहीं दिखे. इसी तरह अशोक उद्यान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भी वे अनुपस्थित रहे. माना जा रहा है कि वे इस घटनाक्रम से नाराज हैं.




















