जयपुर: राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में धांधली करने वालों पर एसओजी का एक्शन लगातार जारी है. इस भर्ती में पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बिठाकर बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से चयन का एसओजी खुलासा कर चुकी है. कुछ कड़ियां जुड़ने पर इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना है.
एसओजी के एडीजी वीके सिंह का कहना है कि अब तक एसओजी इस मामले में 122 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें 54 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर हैं. इन पर डमी अभ्यर्थी बिठाने और लीक पेपर पढ़कर परीक्षा पास करने का आरोप है. फिलहाल इस मामले के कई आरोपी एसओजी की गिरफ्त से दूर हैं. इनमें पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बिठाने के मास्टरमाइंड शामिल हैं. इनके पकड़े जाने पर जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है.
आरपीएससी और सेंटर से लीक हुआ पेपर: एसओजी की शुरुआती जांच में सामने आया था कि एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर जयपुर के रवींद्र बाल भारती सीनियर सैकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था. बाद में खुलासा हुआ कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने भी पेपर लीक किया था. उसने एक अन्य आरपीएससी सदस्य रामूराम राईका को उसके बेटा और बेटी के लिए पेपर दिया. अपने अन्य संपर्कों के जरिए भी पेपर लीक किया था. उसने परीक्षा से कई दिन पहले पेपर लीक कर दिया था.
पूर्व सीएम के सुरक्षाकर्मी पर भी आंच: एसओजी ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सुरक्षाकर्मी राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव को भी गिरफ्तार किया. एसओजी जांच में सामने आया है कि राजकुमार यादव ने अपने बेटे के लिए बाबूलाल कटारा के करीबी कुंदन पंड्या से पेपर खरीदा था. कुंदन पंड्या को बाबूलाल कटारा ने पेपर दिया था. राजकुमार यादव ने अपने बेटे के साथ परिचित कांस्टेबल सत्येंद्र यादव और रवींद्र सैनी को भी पेपर दिया था. हालांकि, उसके बेटे का चयन नहीं हुआ. सत्येंद्र और रवींद्र सैनी एसआई बन गए. सत्येंद्र एसओजी की गिरफ्त में है, जबकि रवींद्र फिलहाल फरार है.
शिक्षक और AAO को कटारा ने दिया पेपर: एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि बाबूलाल कटारा ने शिक्षक कुंदन पंड्या और सहायक लेखाधिकारी संदीप लाटा व पुरुषोत्तम दाधीच को भी पेपर दिया था. कुंदन पंड्या कटारा का पुराना परिचित है. उसने अन्य अभ्यर्थियों के साथ अपने परिजनों को भी लीक पेपर दिया था. एसओजी ने इन तीनों के जरिए लीक पेपर पढ़कर पढ़ने वाले कई अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया है. अब आगे जांच में कई और कड़ियां जुड़ने की संभावना है.
राईका ने बेटा-बेटी के लिए लिया था पेपर: एसओजी के एडीजी वीके सिंह का कहना है कि एसओजी की पड़ताल में यह भी सामने आया कि आरपीएससी सदस्य रहते रामूराम राईका ने बाबूलाल कटारा से पेपर लिया था. उसने यह पेपर अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को पढ़ाया. लीक पेपर पढ़कर दोनों एसआई बन गए. एसओजी अधिकारियों ने उनका दुबारा टेस्ट लिया तो दोनों शक के घेरे में आए और उनकी गिरफ्तारी के बाद एसओजी ने रामूराम राईका को गिरफ्तार कर लिया था.
सुरेश ढाका और यूनिक भांबू अब भी फरार: उन्होंने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर एसओजी ने अब तक 122 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में एक आरएएस अधिकारी हनुमानराम भी एसओजी के हत्थे चढ़ चुका है. उसने दो अभ्यर्थियों के लिए डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी. अभी भी कई शिकायतों और सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है. इसके बाद यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है. इस मामले में सुरेश ढाका और यूनिक भांभू भी अभी एसओजी की गिरफ्त से बाहर हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई और बड़े खुलासे इस पूरे मामले को लेकर हो सकते हैं.




















