टोंक: जिले के लाम्बा हरिसिंह में शनिवार सुबह किले की दीवार भरभराकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर गिर गई. इससे स्कूल के चार कमरे ढह गए और चार अन्य कक्ष को नुकसान पहुंचा. गनीमत रही कि हादसे के समय स्कूल बंद था. इसके चलते जनहानि नहीं हुई.
उपखंड अधिकारी अमित कुमार चौधरी ने बताया कि किले की दो दीवारों में पानी रुकने से दीवार कमजोर हो गई. किले की दीवार सीनियर स्कूल पर गिरी. इससे 4 कमरे ढह गए, जबकि चार कक्षों के पीछे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. कोई जनहानि नहीं हुई. एसडीएम पहुंचे व ग्रामीणों से बात की. उन्होंने बताया कि सीनियर स्कूल के विद्यार्थियों की कक्षाएं गांव के गर्ल्स स्कूल में लगाई जाएगी. गर्ल्स स्कूल दो पारियों में चलाया जाएगा. नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. तहसीलदार पवन मातवा, सीबीईओ नाथूलाल कटारिया, एडीपीसी टोंक रामगोपाल मेघवंशी, मालपुरा डीवाईएसपी आशीष प्रजापत भी मौके पर पहुंचे और जायजा लिया.
तीन बार धमाका: ग्रामीणों ने बताया कि लांबा हरिसिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल भवन के पीछे 425 साल पुरानी किले (गढ़) की करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार है, जो भरभरा कर स्कूल भवन पर गिरी. इससे 4 कमरे जमींदोज हो गए. सुबह साढ़े 5 से 6 बजे के बीच हादसा हुआ. तब स्कूल बंद था.लोगों ने 3 बार तेज धमाकों की आवाज सुनी.इसके बाद दीवार गिरी.
स्टाफ पहुंचा तो चला पता: हादसे के समय स्कूल बंद था. स्कूल समय में दीवार गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था. कमरे गिरने का पता स्टाफ को सुबह करीब 7 बजे स्कूल पहुंचने पर चला. बच्चों के स्कूल आते ही छुट्टी कर दी गई. मालपुरा तहसीलदार आदि आए. ये कमरे करीब 21 साल पहले 2 चरणों में बने थे.
4 क्षतिग्रस्त कमरों को भी ढहाना पड़ेगा: जेईएन हनुमान प्रजापत ने बताया कि गिरे चार कमरों के पास चार अन्य कमरे भी पीछे से डैमेज हो गए. उनमें बच्चों को नहीं बिठा सकते. इन्हें भी अब ढहाना पड़ेगा. किले की दीवार करीब 20-25 मीटर ऊंची थी. क्षेत्र में गत दिनों से लगातार बारिश से करीब 100 मीटर की दीवार ढही. लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर से बरसाती पानी की निकासी के इंतजाम नहीं है. बारिश का पानी धीरे धीरे जमीन में रमता है. बारिश में स्कूल भवन में खतरा रहता है.
नौवीं से 12वीं की कक्षाएं: जमींदोज चारों कमरों में 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी बैठते थे, अन्य डैमेज हुए 4 कमरों में नौवीं और दसवीं के बच्चे बैठते थे. कक्षा 6, 7, 8 के बच्चे इस किला परिसर की करीब सवा चार सौ साल पुरानी बिल्डिंग में पढ़ते हैं.
लोगों की मांग: लोगों ने अधिकारियों से कहा कि बची इमारत 400 साल पुरानी है. यहां सन 1956 से स्कूल संचालित है. जिले का पहला माध्यमिक स्कूल ये ही खुला था, लेकिन स्कूल के लिए पूरी बिल्डिंग नई नहीं बनी. 20-22 साल पहले आठ हॉल बनाए थे, जिनमें चार पूरी तरह ढह गए. चार काफी डैमेज हो गए. अब नई जगह नई बिल्डिंग बनाई जाए.




















