अजमेर: लगातार हो रही बारिश के कारण अजमेर के निकट बोराज गांव के तालाब की कच्ची पाल देर रात टूट गई. इसके चलते फायसागर रोड स्थित स्वास्तिक नगर के 70 से भी अधिक मकानों में तालाब का ओवरफ्लो पानी आ गया. पानी के सैलाब के चलते लोगों के घरों का सामान खराब हो गया. लोगों ने घरों की छत पर चढ़कर जान बचाई, हालांकि प्रशासन ने पाल टूटने की आशंका के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था, लेकिन रात में कई लोग चोरी के डर से अपने घर लौट आए. सुबह जब प्रशासनिक अधिकारी व भाजपा पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो आक्रोशित लोगों ने उन्हें खूब खरी खरी सुनाई.
रात एक बजे तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसके बाद पाल टूट गई और निचली बस्तियों में पानी सैलाब की तरह बह निकला. करीब पांच फीट तक पानी सड़कों पर बहता हुआ मकानों में घुस गया. लोगों का घरेलू सामान पानी के साथ ही बह गया. सुबह जब लोग लौटे तो घर की दशा देखकर उनके होश उड़ गए. क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि तीन साल से वे प्रशासन को तालाब की पाल को पक्का करने और सड़क-नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं बनवाने के लिए चेता रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया.
वाहन व सामान बहा ले गया पानी: तालाब के पानी का वेग इतना तेज था कि लोगों के कई दुपहिया वाहन इसमें बह गए. तेज बहाव के कारण कई घरों की दीवारें टूट गई. किसी के दरवाजे, फ्रिज और कूलर तक बह गए. घरों में पांच-पांच फीट पानी था. कई लोगों ने अपने घरों की छत पर तो कई ने दूसरी मंजिल पर जाकर अपनी जान बचाई. कई लोग तो जल्दी से घर छोड़कर आ गए. वे अपने घर का सामान नहीं बचा सके. इस कारण कई घरों में सारा सामान सैलाब के साथ बह गया.
प्रशासन आया एक्शन में: यह क्षेत्र विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का है. इस कारण सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सिविल डिफेंस के सहयोग से क्षेत्र के 70 घरों के लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. उनके खाने-पीने, रहने और दवाइयों का इंतजाम किया गया, लेकिन कई लोग रात को ही वापस अपने घरों में आ गए. उन्हें डर था कि सूने घर में कहीं चोरी ना हो जाए.
तीन साल से कर रहे थे पाल पक्की करने की मांग: क्षेत्रवासी रमेश बताते हैं कि सैलाब के कारण लोगों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार को लोगों की मदद करनी चाहिए, लोगों के पास कुछ नहीं बचा है. क्षेत्रवासी संतोष और बबली बताती हैं कि तीन साल से क्षेत्रवासी तालाब की पाल को पक्की करने और क्षेत्र में नालियां बनवाने की मांग कर रहे थे?
शादी का सामान बहा: पीड़िता बबली ने बताया कि नवंबर में उनके घर में शादी थी. शादी के कपड़े और अन्य सामान खरीदकर घर में रखा हुआ था. वह पानी से बर्बाद हो गया. घर में रखा राशन का सामान, इलेक्ट्रॉनिक आइटम सब कुछ बह गया. क्षेत्र में रहने वाली परमजीत कौर बताती हैं कि रात को वह सो रही थी. तब पति ने अचानक उन्हें जगाया. बाहर देखा तो पानी का सैलाब था. कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला. जान बचाने के लिए ऊपर की मंजिल पर चले गए. पानी से सारा घरेलू सामान खराब हो गया. उन लोगों के हाल तो और भी बुरे हैं, जिनके घर टूट गए.
घरों को पहुंचा नुकसान: क्षेत्रवासी पूजा मनवानी बताती हैं कि घर में बहुत पानी घुस आया, पानी तो निकल गया, लेकिन पीछे कीचड़ छोड़ गया. घर का सारा सामान खराब हो गया. क्षेत्रवासी सुखदेव बताते हैं कि घरों को बहुत नुकसान पहुंचा है, लोग अपने बच्चों के साथ अब कहां रहेंगे? तालाब की पाल टूटने से क्षेत्र में पांच फीट पानी था. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अलर्ट भी किया था और सुरक्षित स्थान पर रखा भी था, लेकिन पीछे से सब बर्बाद हो गया.
भाजपा कार्यकर्ताओं को सुनाई खरी खरी: स्वास्तिक नगर के लोगों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा. लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव किया और उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई. भाजपा कार्यकर्ता लोगों को समझाने के लिए पहुंचे, लेकिन लोगों ने उन्हें भी खरी-खोटी सुना दी.लोगों ने मुआवजे की मांग की. एटीएम सिटी गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि मौके पर जाकर हालात देखे हैं. लोगों से समझाइश कर नियमानुसार सहायता देने का आश्वासन दिया है.




















