जैसलमेर: भारतीय सेना की दक्षिण कमांड की पहल पर TAMilitaryCivilFusion2025 के तहत टेरिटोरियल आर्मी की टीम को सीमा क्षेत्र की फील्ड विजिट कराई गई. टीम ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित अग्रिम चौकियों का दौरा किया. इनको सीमा सुरक्षा, सैन्य गतिविधियों और सैनिकों की कार्यशैली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. टीम को सीमा पर तैनात जवानों के पराक्रम और चुनौतियों को नजदीक से देखने का मौका मिला. इनको पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज भी ले जाया गया, जहां भारतीय सेना ने इंटीग्रेटेड फायरिंग और हथियारों का लाइव प्रदर्शन किया.
कोनार्क कॉर्प्स इंडियन आर्मी सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी. इसमें बताया कि टीए प्रतिनिधियों को आधुनिक हथियार प्रणालियां, आर्टिलरी गन, टैंक और विभिन्न हथियारों से अभ्यास दिखाया गया. इसके जरिए स्पष्ट किया कि भारतीय सेना कैसे हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार और तत्पर रहती है.
दक्षिण कमांड के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां प्रतिभागियों को न केवल सैन्य क्षमताओं से अवगत कराती हैं, बल्कि दर्शाती है कि सेना तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से लगातार प्रगति कर रही है. फील्ड विजिट का मुख्य उद्देश्य नागरिक और सैन्य सहभागिता को बढ़ावा देना तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की गहराई से समझ प्रदान करना था.
टीए टीम ने इस अनुभव को यादगार बताया और कहा कि भारतीय सेना की तैयारी और अनुशासन को देखकर गर्व की भावना जागृत हुई. इस दौरे के जरिए संदेश दिया गया कि सीमाओं की सुरक्षा से लेकर उन्नत हथियार प्रणाली के संचालन तक भारतीय सेना सदैव देश की संप्रभुता की रक्षा को तैयार है.




















