बाड़मेर : बाड़मेर के नवाताल के युवा सरपंच भारथाराम और उनकी पत्नी खेतुदेवी को 15 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. इसके बाद से बॉर्डर इलाके के लोगों में जबरदस्त तरीके का खुशी का माहौल है. मंगलवार को बीएसएफ की सहयोगी टीम के साथ बाड़मेर से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए.
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 15 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर एक अनोखी पहल की है. बीएसएफ ने बॉर्डर पर बीएसएफ के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहने वाले युवा जनप्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है. जिन्हें लाल किले में आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेने का अवसर मिलेगा. इसी क्रम में इस समारोह के लिए भारथा राम (सरपंच) को विशेष अतिथि जनप्रतिनिधि के रूप में चयनित किया गया है. मंगलवार को नवताल सरपंच भारथाराम अपनी पत्नी खेतू देवी सहित बीएसएफ की सहयोगी टीम के साथ नई दिल्ली के लिए रवना हुए.
सरपंच भारथाराम ने बताया कि नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले समारोह के लिए विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बॉर्डर इलाके के गांव के लोगों ने बीएसएफ के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे. उन्होंने कहा कि बॉडर पर देश के जवान तैनात थे और देश के प्रधानमंत्री भी मजबूत है और हम लोगो को बिल्कुल डर नही था, बल्कि हम तो जवानों के साथ खड़े थे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा हम बॉडर पर रहने वाले हैं देश की राजधानी में आयोजित होने वाले समारोह के लिए हमे बुलाया गया है. इस न केवल मेरे लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है.
खेतु देवी ने भी सीमांत क्षेत्र की महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है. इस बात की पूरे क्षेत्र में खुशी है. उन्होंने बताया कि बीएसएफ की टीम के साथ बाड़मेर से जोधपुर जा रहे हैं. इसके बाद वहां से हवाई जहाज से नई दिल्ली के लिए रवाना होगे.
इस अवसर पर सावंत समीर शशिकांत, द्वितीय कमान अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करना है जिन्होंने सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के साथ मिलकर काम किया है और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यह आयोजन देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए बीएसएफ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.




















