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एसआई भर्ती-2021 पर राहत: रद्द करने के आदेश पर रोक, चयनित उम्मीदवारों की फील्ड पोस्टिंग टली

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट से एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में बड़ा फैसला सामने आया है. हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एसआई भर्ती रद्द की गई थी. इसके साथ ही खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों को फील्ड पोस्टिंग नहीं देने को कहा. जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने विक्रम पंवार व अन्य की अपील पर यह आदेश सुनाया. डबल बेंच इस मामले में अब 8 अक्टूबर को सुनवाई करेगी.

अपीलकर्ता के अधिवक्ता अलंकृता शर्मा ने बताया कि एकलपीठ ने अपने आदेश में एक ओर राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आरपीएससी को भेजने को कहा, वहीं दूसरी ओर भर्ती रद्द करने की बात कही. यह आपस में विरोधाभासी है. इसके अलावा एकलपीठ ने अपने संपूर्ण निर्णय एसओजी, महाधिवक्ता और राज्य सरकार की पहली रिपोर्ट पर आधारित रखे. राज्य सरकार ने बाद में दूसरी रिपोर्ट में अपना रुख स्पष्ट करते फिलहाल भर्ती रद्द नहीं करने की बात कही, लेकिन एकलपीठ ने इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया.

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ये दिए तर्क: अपील में कहा गया कि एक विषय पर जब राज्य सरकार की पुरानी सिफारिश या रिपोर्ट पर नवीन सिफारिश या रिपोर्ट आ जाती है तो पुरानी एक तरह से प्रभावहीन हो जाती है. राज्य सरकार ने अपनी नई सिफारिश में माना कि भर्ती में शामिल दोषियों की पहचान कर उनकी छंटनी संभव है. भर्ती होने के बाद अपीलार्थियों का प्रशिक्षण हो गया और वे परिवीक्षा काल में चल रहे हैं. एसओजी ने उनके खिलाफ भी जांच की थी, लेकिन उनके खिलाफ पेपर लीक से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला. ऐसे में एकलपीठ का आदेश रद्द किया जाए.

यह था सिंगल बेंच का आदेश : गौरतलब है कि एकलपीठ ने इसी वर्ष 14 अगस्त को सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद 28 अगस्त को आदेश देते हुए भर्ती रद्द करने के लिए राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट बनाकर आरपीएससी भेजने को कहा था. एकलपीठ ने इस भर्ती के पदों को साल 2025 की भर्ती में जोडते दूसरी सरकारी सेवा छोड़कर आए चयनितों को पूर्व की सेवा में लेने को कहा था. एकलपीठ ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए उस जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में लगाने को कहा था.

उच्च न्यायालय की डबल बेंच का विवेकाधिकार है कि वो सिंगल बेंच के किसी निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए उस पर स्थगन जारी करे या निर्णय जारी करे. चूकि उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने जो फैसला लिया है, सरकार उसे मानने के लिए बाध्य है.

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