बहुत ही कम देखने को मिलता है, जो अपने पिता के नक्शे कदम पर चलकर सफलता हासिल की हो. लेकिन राजस्थान पुलिस की सब-इंस्पेक्टर कचनार चौधरी ने ऐसा कर दिखाया है. उन्होंने अपने पिता की तरह शॉटपुट थ्रो में स्पोर्ट्स स्किल से देश और राज्य का नाम रोशन किया है. अमेरिका के अलबामा राज्य के बर्मिंघम शहर में आयोजित वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2025 में कचनार ने शॉटपुट थ्रो (गोला फेंक) में शानदार परफॉर्म करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है.
पढ़ाई और खेल, दोनों में अव्वल
चूरू जिले के सुजानगढ़ की रहने वाली कचनार चौधरी की खेलों में रुचि स्कूली दिनों से रही है. उन्होंने पहले लॉन टेनिस खेलना शुरू किया था, लेकिन बाद में अपने पिता परेश चौधरी से प्रेरित होकर शॉटपुट को अपनाया. परेश चौधरी स्वयं भी शॉटपुट और डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी रह चुके हैं. कचनार न सिर्फ खेलों में, बल्कि पढ़ाई में भी शुरू से टॉप पर रही हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा में 90% अंक प्राप्त किए थे, बीए और एमए प्रथम श्रेणी से पास किया और अब एलएलबी की पढ़ाई भी कर रही हैं।
रेलवे से राजस्थान पुलिस तक का सफर
कचनार ने वर्ष 2014 में शॉटपुट खेलना शुरू किया था और स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में नौकरी पाई. इसके बाद उन्होंने राजस्थान पुलिस को जॉइन किया और वर्तमान में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. 27 जून से 7 जुलाई तक चल रही इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के करीब 70 देशों के पुलिस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कचनार ने रोमानिया की टीम को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया.
पहले भी जीत चुकी हैं कई पदक
वर्ल्ड पुलिस गेम्स से पहले भी कचनार ने ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. 2016 के जूनियर और यूथ नेशनल में उन्होंने स्वर्ण पदक, 2019 के साउथ एशियन गेम्स में कांस्य पदक और 32वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा ओपन टूर्नामेंट्स में भी वे कई गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी हैं.




















