जयपुर: वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का अब दूसरा चरण शुरू हो गया है. पहले चरण में जिला और ब्लॉक लेवल पर धरने प्रदर्शनों के बाद अब दूसरे चरण में भी मुस्लिम संगठन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. साथ ही सितंबर माह में एक प्रदेश स्तरीय रैली का भी जयपुर में आयोजन होगा.
हाल ही में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तले विभिन्न मुस्लिम संगठनों की हुई बैठक में दूसरे चरण के तहत किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई. इसके अलावा सोमवार रात भी मुस्लिम संगठनों की बैठक आयोजित हुई जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई. इस मामले को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंदी के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद नाजिम ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हमने दूसरे चरण के विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उम्मीद पोर्टल को निलंबित करने की मांग की है और कहा कि जब तक वक्फ संशोधन कानून का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब तक उम्मीद पोर्टल को निलंबित किया जाए.
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में पूरे देश के साथ-साथ राजस्थान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 22 अगस्त से सभी जिलों में मानव श्रृंखला बनाकर और तख्तियां लेकर बहुत प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा मुस्लिम संगठन सभी जिलों में प्रेस कांफ्रेंस करके भी बिल की खामियों के बारे में जानकारी देंगे. इसके अलावा विभिन्न धर्म के लोगों के साथ मिलकर भी राउंड टेबल बैठक की जाएगी जिससे कि अन्य धर्म के लोगों में वक्फ को लेकर जो शंकाएं हैं, उन्हें दूर किया जा सके और साथ उनका समर्थन भी जुटाया जा सके.
जयपुर में बड़ी रैली का आयोजन: मोहम्मद नाजिम ने कहा कि जिलों में विरोध प्रदर्शनों के बाद जयपुर में अगले माह एक प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन किया जाएगा. इसमें हजारों की तादाद में मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग शामिल होंगे. इसके अलावा अन्य धर्म के लोगों को भी इसमें आमंत्रित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रैली में सरकार के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पास किया जाएगा. उस प्रस्ताव को फिर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा और वक्फ संशोधन कानून को वापस लेने की मांग की जाएगी.
संविधान की मूल भावना के खिलाफ है कानून: मोहम्मद नाजिम ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. संविधान सभी धर्मों को बराबरी का अधिकार देता है और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की बात करता है लेकिन केंद्र सरकार जबरन वक्फ कानून में संशोधन करके संविधान का भी उल्लंघन कर रही है. साथ ही अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों को भी खत्म करने का प्रयास कर रही है.




















