अलवर. जिले के मुख्य पर्यटन केंद्रों में शुमार सरिस्का टाइगर रिजर्व पुन: अपने पुराने रंग में लौटने लगा है. बाघ विहीन होने के काले अध्याय को पीछे छोड़ अब सरिस्का बाघों से फ़िर आबाद हो रहा है, फिलहाल सरिस्का में टाइगर की संख्या 48 तक पहुंच चुकी है, जो कि सरिस्का को नई संजीवनी देने का कार्य कर रही है. सरिस्का में बढ़ती टाइगरों की संख्या और उनकी अच्छी साइटिंग के चलते हर साल यहां देसी, विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में सफारी के लिए पहुंच रहे हैं. आगामी 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सीजन के लिए पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी करने के प्रयास सरिस्का प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं. इसके लिए पर्यटकों की सुविधा के लिए सरिस्का में कई कार्य किए जा रहे है.
सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर व सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का टाइगर रिजर्व फिलहाल पर्यटन गतिविधियां बंद है और आगामी 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू होगा. सरिस्का भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों को असुविधा नहीं हो, इसके लिए पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करवाए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए सरिस्का कैंपस में टॉयलेट कॉम्प्लेक्स तैयार करवाया गया है. साथ ही जंगल के विभिन्न स्थानों पर स्थापित ऐसी चौकियां जहां पर्यटक रुकते हैं, वहां भी पर्यटकों की जरूरत को देखते हुए कार्य करवाए गए हैं. उन्होंने बताया कि निजी संस्था के माध्यम से जंगल क्षेत्र में बायो टॉयलेट की भी व्यवस्था की गई है सीसीएफ कटियार ने बताया कि फिलहाल नए पर्यटन सीजन की शुरुआत होने में कुछ समय शेष है, इसके चलते सभी कार्य कराए जा रहे हैं जिससे कि आने वाले समय में पर्यटकों को सरिस्का में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.
सीसीएफ कटियार ने बताया कि संज्ञान में आया कि जब पर्यटक गूगल मैप के सहारे सरिस्का तक पहुंचता है, तो उसकी लोकेशन टहला गेट तक दिखाई देती है. उन्होंने बताया कि इस विषय पर भी गूगल के साथ पत्राचार कर सरिस्का के सदर गेट की भी मैपिंग करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि पर्यटकों को सरिस्का टाइगर रिजर्व पहुंचने में असुविधा नहीं हो. उन्होंने बताया कि सरिस्का टाइगर रिजर्व में 75 प्रतिशत से ज्यादा टूरिस्ट सदर गेट से आते हैं, जबकि टहला गेट से करीब 25 फीसदी पर्यटक ही आते हैं.
अलवर में भी डिस्प्ले होगी सरिस्का की जीवनी : सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटको की संख्या बढ़ाने को लेकर भी काम किया जा रहा है. इसके लिए सरिस्का में इंटरप्रिटेशन सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल बोर्ड पर वीडियो के जरिए सरिस्का का इतिहास पर्यटकों को बताया जाएगा. सीसीएफ कटियार ने बताया कि यूआईटी के साथ मिलकर अलवर शहर में दो डिस्प्ले बोर्ड पर सरिस्का में बाघों के पुनर्वास व सरिस्का की जीवनी को दर्शाने के बारे में बात की गई है. जल्द ही सरिस्का के साथ शहर के डिस्प्ले बोर्ड पर भी सरिस्का की वीडियो दिखाई देगी जिससे पर्यटन गतिविधि में बढ़ोतरी होगी.
सरिस्का को प्रदूषण मुक्त करने के भी प्रयास : सरिस्का टाइगर रिजर्व को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए ईवी बसें चलाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है. सरिस्का में पांडुपोल तक ईवी बसें चलाने के लिए रोड की मरम्मत की जरुरत है. इसके लिए सरकार की ओर से सरिस्का प्रशासन को 7 करोड़ 40 लाख की राशि आवंटित हुई है. इस राशि से पाण्डुपोल रोड की मरम्मत कराई जाएगी. वहीं अन्य रूटों को भी सुधारा जाएगा.




















