अलवर: वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि अलवर शहर की पानी की समस्या दूर करने के लिए ऐतिहासिक जयसमंद बांध भरने के प्रयास करेंगे. इसके लिए मुख्यमंत्री से नटनी का बारा से पानी लेकर रियासतकालीन संधि में बदलाव का अनुरोध करेंगे. भरतपुर जिले में अब चम्बल का पानी पर्याप्त मात्रा में पहुंच रहा है. ऐसे में नटनी का बारा से निकलने वाले पानी की वहां जरूरत नहीं रही. इस पानी को नहर के जरिए जयसमंद बांध में लाकर अलवर की पेयजल किल्लत दूर करने के प्रयास करेंगे.
वन मंत्री संजय शर्मा ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि इस साल इंद्रदेव प्रदेश पर मेहरबान हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पद संभालने के बाद दो साल से राजस्थान में अच्छी बारिश हो रही है. इससे कई जिलों में बांध भर चुके हैं. अलवर शहर का जल संकट दूर करने के लिए जयसमंद बांध का भरना जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि नटनी का बारा का पानी जयसमंद बांध पहुंचाया जाए. मंत्री ने कहा कि जयसमंद बांध के भराव क्षेत्र से पिछले साल अतिक्रमण हटाए गए. अब नटनी का बारा का पानी जयसमंद में लाना जरूरी है. इसके लिए अलवर व भरतपुर रियासतों के बीच पूर्व की जलसंधि में बदलाव की जरुरत पड़ेगी.
रियासतकालीन संधि में बदलाव की जरूरत: वन मंत्री शर्मा ने कहा कि नटनी का बारा का पूरा पानी जयसमंद में लाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह करेंगे कि रियासतकालीन संधि में बदलाव किया जाए. भरतपुर जिले के बॉर्डर तक चम्बल के पानी की आवक हो रही है. भरतपुर को नटनी का बारा के पानी की जरूरत नहीं है. नटनी का बारा का पूरा पानी जयसमंद बांध में छोड़े जाना चाहिए. इसे जयसमंद तक ले जाने के लिए पक्की नहर के निर्माण की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने बजट में इस नहर के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया है. इस नहर के निर्माण को लेकर एसीएस से बात हुई. उन्होंने बताया कि नहर निर्माण के टेंडर जल्द खुलने वाले हैं. इसके बाद नटनी का बारा से जयसमंद बांध तक पक्की नहर का निर्माण जल्द शुरू होगा.
ईआरसीपी का पानी आने में लगेगा समय: मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि अलवर की पेयजल समस्या का स्थायी निराकरण ईआरसीपी योजना से हो सकेगा, लेकिन ईआरसीपी का पानी अलवर आने में समय लगेगा. इसके लिए सवाई माधोपुर जिले में डूंगरी बांध बनाया जाना है, लेकिन वहां कुछ ग्रामीण विरोध में हैं. वहां के विधायक एवं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ग्रामीणों से समझाइश कर डूंगरी बांध निर्माण की बाधा दूर करने का प्रयास कर रहे हैं. जयसमंद बांध ईआरसीपी के पानी से भरेगा. इससे अलवर शहर की पेयजल समस्या का निराकरण हो सकेगा.




















