जयपुर: एसआई भर्ती रद्द होने के हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश में मौजूदा सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के शामिल होने के आरोप लगा कर नई सियासी बहस छेड़ दी. पूर्व सीएम गहलोत के आरोपों पर मंत्री मीणा ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म X के जरिए पलटवार किया. मीणा ने कहा कि दूसरों के हक पर डाका डाला इसलिए बगावत हुई. गहलोत ने कुर्सी तो बचा ली, लेकिन जनता की नजरों से सरकार को गिरने से नहीं बचा पाए.
दूसरों के हक पर डाका डाला: कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि मैं उनकी सरकार गिराने में लगा था. जबकि पूरा प्रदेश जानता है कि इसके सूत्रधार वे खुद थे. दूसरों के हक पर डाका डाला इसलिए बगावत हुई. उन्होंने कुर्सी तो बचा ली, लेकिन जनता की नजरों से सरकार को गिरने से नहीं बचा पाए. आपकी सरकार तो जनता की नजरों में उसी दिन गिर गई, जिस दिन युवाओं की मेहनत और सपनों का सौदा नकल माफिया से किया. मेरे बार-बार पुख्ता सबूत देने पर भी पेपर लीक करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण दिया.
मंत्री मीणा ने लिखा कि हमारी सरकार आपके एक-एक कारनामे को उजागर कर रही है. आपकी सरकार तो जनता की नजरों में उसी दिन गिर गई जिस दिन से भ्रष्टाचार को सरकार का संस्कार बना दिया. आपके संरक्षण में मंत्री, अधिकारी और विधायकों ने राजस्थान को लूटने के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. जनता ने मौका मिलते ही इसका हिसाब चुकता कर लिया और आपको विपक्ष में बिठा दिया.
ये लगाए थे आरोप: पूर्व सीएम गहलोत ने किरोड़ी और बेनीवाल के बीच विवाद पर कहा था कि राजस्थान में पैसा लेने का इतिहास नया नहीं है. किरोड़ी मीणा और हनुमान बेनीवाल दोनों दोस्त थे. हमारी सरकार को गिराने की साजिश में शामिल थे. दोनों हेलीकॉप्टर लेकर राजस्थान में सरकार बनाने के लिए घूम रहे थे. यह इनका पुराना इतिहास है. SI भर्ती परीक्षा हाईकोर्ट में रद्द की, अब उस पर दोनों के बीच में श्रेय लेने की होड़ मची है. इसी बीच जो उन्होंने पूर्व में मिलकर काम किया, अब वह भी उजागर हो रहे हैं.




















