Lunkaransar (श्रेयांस बैद ):साध्वी दीपमाला का लूणकरणसर में मंगल प्रवेश
प.पू. खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी प्रखर व्याख्यात्री प.पू. गुरूवर्या हेमप्रभा जी म.सा. की विदुषी सुशिष्या एवं प.पू. आर्यावर्या साध्वी कल्पलताश्री जी म.सा. की निश्रावर्तिनी शिष्या _बीकानेर कुलदीपिका_ प. पू. साध्वी दीपमाला म.सा. आदि ठाणा 2 का लूणकरणसर मे भव्य वरघोडे के साथ भव्य नगर प्रवेश हुआ।
वरघोड़ा निर्मल राखेचा के घर से शुरू होकर मेन बाजार, डागा बिल्डिंग एवं बाहुल्य जैन मोहल्लों से होते हुए श्री सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर दर्शन , चैत्य वन्दन के पश्चात तेरापंथ भवन में धर्म सभा मे परिवर्तित हुआ। इसी दौरान बीच मे नेमचंद डागा के घर पगलिये किया एवं डागा परिवार ने संघ पूजा का लाभ लिया।
साध्वी दीपमाला के संसार पक्षीय ननिहाल परिवार
हेमराज बरङिया परिवार एवं नेमचंद डागा परिवार ने कांबली वोहरा कर साध्वी का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
लूणकरणसर श्री संघ की तरफ़ से मालचंद नवलखा, संतोष भूरा, विनीत राखेचा, श्रीकांत डागा, हेमराज बरङिया परिवार से महिलाओं ने एवं अन्य सदस्यों ने गीतिका, भाषण के द्वारा अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति दी। वंदना बरड़िया ने साध्वी वृंद को हस्तनिर्मित चित्र भेंट किया
हेमराज बरङिया परिवार द्वारा संघ पूजा एवं स्वधर्मी वात्सल्य का लाभ लिया गया।
बीकानेर से शांतिलाल कोठारी, ओम कोठारी, शांतिलाल बैद, पुखराज पुगलिया, अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद बीकानेर शाखा मंत्री विक्रम सिंह भुगड़ी एवं सदस्य एवं खरतरगच्छ महिला परिषद मंत्री लीला बैगानी एवं सदस्यों के साथ 50 से ज्यादा श्रावक श्राविकाएं इस अवसर पर लूणकरणसर पहुंचे। लूणकरणसर संघ की तरफ से सभी का स्वागत अभिनंदन किया गया।

लूणकरणसर सकल श्री संघ द्वारा साध्वी जी से आगामी चातुर्मास की विनती की गयी।
बीकानेर के उपनगर गंगाशहर स्थित 177 वर्ष प्राचीन श्री सांवलिया पार्श्वनाथ भगवान (गोल मंदिर) के अंजनशलाका प्रतिष्ठा में पधारने के लिए फ़ौजराज बांठीया ट्रस्ट परिवार की तरफ़ से बीकानेर द्वारा लूणकरणसर श्री संघ को आमन्त्रण दिया गया।
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पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद बीकानेर शाखा के कमेटी सदस्य अभिषेक डागा ने किया। खरतरगच्छ महिला परिषद की सदस्या भावना डागा ने गहुंली बनाकर साध्वी जी का स्वागत किया।
साध्वी जी का प्रवास लगभग 7 दिन तक लूणकरणसर में रहेगा साध्वी वृंद ने सभी को धर्म लाभ कहा है।
Lunkaransar : साध्वी दीपमाला का लूणकरणसर में मंगल प्रवेश




















