जयपुर : राज्य सरकार ने 13 अगस्त 2025 को गैर अधिसूचित कृषि जिंसों एवं खाद्य पदार्थों पर मंडियों में क्रय-विक्रय करने पर यूजर चार्ज लगाने के आदेश के खिलाफ व्यापारियों का विरोध का सिलसिला जारी है. व्यापारियों का कहना है कि यूजर चार्ज का सर्वाधिक असर मंडियों पर पड़ेगा.
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने यूजर चार्ज से नुकसान गिनाए. गुप्ता ने कहा कि एक मंडी से दूसरी मंडी में विक्रय या खरीद या कृषि जिंस ले जाने पर यूजर चार्ज दोबारा लगेगा. यूजर चार्ज क्रेता व विक्रेता को अपनी लागत में जोड़ना होगा. इससे उपभोक्ता पर दोहरा भार पड़ेगा. चीनी को छोड़ मंडी में बिकने वाली अन्य सभी खाद्य वस्तुओं पर यूजर चार्ज प्रभावित रहेगा. वहीं, खाद्य पदार्थ यदि मंडी से बाहर किसी अन्य जगह से खरीदा बेचा जाता है तो उस पर यूजर चार्ज लागू नहीं होगा. ऐसे में मंडी में बिकने वाला माल महंगा व बाहर सस्ते दाम में मिलेगा. ऐसे में व्यापारियों को मजबूरन मंडियों से कारोबार बंद करना पड़ेगा.
इधर, व्यापार संघ की कोर कमेटी ने राजस्थान में बारिश के मद्देनजर मंडियों में पानी भरने और किसान का माल भीगने को लेकर निर्देश जारी किए. कमेटी ने निर्देश दिए कि जो यूजर चार्ज से प्रभावित हैं, उन व्यापारियों/मंडियों को छोड़कर अन्य मंडी व्यापारी मंडिया खोलें तथा किसान का माल भीगने ना दें. किसी कारणवश किसान का माल भीगा तो उसे मंडी में सुखाएं. किसान की मंडी में लाई कृषि जिंस का तुरंत विक्रय करें. अतिवृष्टि से हुई व्यापारी की क्षति का भरण सरकार करें.
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने कहा कि सरकार को यूजर चार्ज हटाने के लिए शनिवार तक का समय दिया है. यदि सकारात्मक फैसला नहीं आया तो आंदोलन जारी रखेंगे. मंडी व्यापारियों का कहना है कि सरकार तुरंत प्रभाव से विषय की गम्भीरता को देखते फैसला करें, ताकि मंडियों में किसान, व्यापारी, उद्योगपतियों और बल्क कन्ज्यूमर को परेशानी ना हो. यदि राज्य सरकार यूजर चार्ज समाप्त नहीं करती है और ऐसे आदेश समय रहते निकालने में विफल रही तो व्यापारियों का इन मंडियों से आटा, मैदा, सूजी, बेसन, दालें, तेल, मसाले आदि के व्यापारियों का मंडी के बाहर पलायन सुनिश्चित है.




















