जयपुर: त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है. सोना और चांदी दोनों ही धातुओं की कीमतों ने बीते कुछ महीनों में नए रिकॉर्ड बनाए हैं. जहां सोना आम खरीदार की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है तो वहीं चांदी भी इस बार सोने जैसी चमक बिखेर रही है. सर्राफा बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव और चढ़ सकते हैं. इसके बावजूद कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार का त्योहारी सीजन बाजार के लिए फायदे का सौदा साबित होगा.
मंगलवार को चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जबकि सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखने को मिली है. 24 कैरेट सोने की कीमत 107400 रुपये प्रति 10 ग्राम रही. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी 50 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल देखने को मिला और 22 कैरेट सोने के दाम 100150 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली है और चांदी 1300 रुपये सस्ती हुई. जिसके बाद चांदी की कीमत 126700 रुपये रही.
इस तरह चमकीं ये दोनों धातु : इस साल की शुरुआत से ही सोना और चांदी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं और इनकी बढ़त का सिलसिला अभी तक जारी है. जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ जरूर डाला है, लेकिन इनकी चमक और महत्व अभी भी बरकरार है. भारतीय समाज में सोना-चांदी न केवल आभूषण के रूप में, बल्कि निवेश और परंपरा का अहम हिस्सा भी हैं. यही कारण है कि महंगाई के बावजूद त्योहारी सीजन में बाजार की रौनक पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है. आंकड़ों की बात करें तो….
| माह | 22 कैरेट सोना | चांदी |
| 31 जनवरी | 79100 | 95700 |
| 28 फरवरी | 82300 | 96500 |
| 31 मार्च | 86500 | 104000 |
| 30 अप्रैल | 91300 | 98500 |
| 31 मई | 91700 | 99500 |
| 30 जून | 91800 | 110000 |
| 31 जुलाई | 94100 | 115000 |
| 30 अगस्त | 99100 | 123900 |
| 2 सितंबर | 100150 | 126700 |
| नोट : सोना प्रति 10 ग्राम रुपये, चांदी प्रति किलो | ||
निवेश का मजबूत विकल्प : कैलाश मित्तल का कहना है कि महंगाई और आर्थिक अस्थिरता के बीच सोना और चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश विकल्प रहे हैं. यही कारण है कि निवेशक इन दोनों धातुओं की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. खासकर चांदी में लोगों की रूचि बढ़ रही है, क्योंकि यह सोने की तुलना में किफायती है. हालांकि, इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ने का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और विश्व में युद्ध के हालात है. इसके अलावा अमेरिका की ओर से लगाया गया टैरिफ के कारण भी सोने और चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं.
बदली खरीदारी की आदतें : कारोबारियों का कहना है कि सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों ने गहनों की खरीदारी पर असर जरूर डाला है, लेकिन बाजार पूरी तरह से मंदा नहीं पड़ा. अब ग्राहक भारी वजन वाले पारंपरिक गहनों की बजाय लाइट वेट और डिजाइनर ज्वेलरी पसंद कर रहा है और पांच या छह तोला खरीदने वाले ग्राहक दो या तीन तोले के गहने बनवा रहे हैं.
त्योहारी सीजन पर बिक्री पर असर नहीं : कारोबारियों का यह भी कहना है कि अक्टूबर माह से प्रदेश में त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा और भारतीय परंपरा में दीपावली, धनतेरस और नवरात्र जैसे त्योहारों पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद बाजार पर कोई खास असर देखने को नहीं मिलेगा.
आगे का रुख : कारोबारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सीधा असर सोना-चांदी पर पड़ेगा. आने वाले महीनों में इन धातुओं के और महंगे होने की संभावना है.




















