जयपुर: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपनी मां को कथित रूप से अपशब्द कहने के बयान पर गहलोत ने पलटवार किया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी बातों का कोई तुक नहीं है. मैं उनकी मां का सम्मान करता हूं, वो स्वर्गवासी हैं. गजेंद्र सिंह ने मेरे खिलाफ मानहानि का केस कर रखा है. उन्होंने कहा कि शेखावत ने 12 साल में जोधुपर के लिए कुछ नहीं किया. ईआरसीपी को बर्बाद करने वाले भी वे ही हैं.
गहलोत ने शनिवार को एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि गजेंद्र सिंह का नाम संजीवनी मामले में एसओजी की जांच रिकॉर्ड और केस डायरी में भी था. केस डायरी कोर्ट में भी पेश की गई थी. यही बात मैंने सार्वजनिक मंच से कही थी कि संजीवनी मामले के गरीबों को न्याय मिलना चाहिए. इसमें लाखों लोगों के पैसे लगे हुए थे, अधिकांश लोग मारवाड़ के ही रहने वाले हैं. यही बात मैंने कही थी क्योंकि गजेंद्र सिंह संजीवनी मामले में शामिल थे.
‘सरकार बदलते ही बदल दी रिपोर्ट’: गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलते ही 2 महीने में ही एसओजी की रिपोर्ट बदल गई और हाईकोर्ट में पेश कर दी गई. सरकार अगर कोर्ट में यह कहे कि हमारा इसमें कोई मुजरिम नहीं है, तो इसमें जज क्या करेंगे. हमारे समय में 22 महीने में बिना दबाव के रिपोर्ट तैयार की गई थी. लेकिन सरकार बदलते ही 2 महीने में रिपोर्ट चेंज हो गई. गहलोत ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो इस केस को दोबारा से लोअर कोर्ट की परमिशन से आगे बढ़ा सकते हैं. लेकिन शेखावत स्वयं को क्लीन चिट दे रहे हैं. जबकि कोर्ट ने कोई क्लीन चिट नहीं दी है.
12 साल में जोधपुर के लिए कुछ नहीं किया: गहलोत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री तीसरी बार जोधपुर से सांसद चुने गए हैं. लेकिन 12 सालों में उन्होंने राजस्थान तो छोड़िए, जोधपुर के लिए ही कुछ नहीं किया है. ईआरसीपी को बर्बाद करने वाले वही हैं. उनको जल संसाधन मंत्री बनाया गया था. मैंने नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा था कि आपने जल संसाधन मंत्री का दायित्व राजस्थान को दिया है. वो चाहते तो बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. गहलोत ने कहा कि जालौर, सिरोही, बाड़मेर, सिवाना की परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकता था. अब 9 साल के बाद उसमें पानी आएगा. गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने तो वहां बांध बना दिया था. 12000 करोड़ रुपए रखे थे, लेकिन शेखावत और भाजपा ने कुछ नहीं किया और केवल लफ्फाजी करते रहे.
यह कहा था गजेंद्र सिंह शेखावत ने: इससे पहले गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा था कि अशोक गहलोत ने भी उनकी मां के लिए अपशब्द कहे. मां किसी की भी हो, उस पर इस तरह के टिप्पणी करना दुर्भाग्य है और अनुचित है. यही नहीं उन्होंने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा था कि गाली देना कांग्रेस के डीएनए का हिस्सा है.
बयान पर स्पष्टीकरण दें मोहन भागवत: वहीं मोहन भागवत के उस बयान को लेकर भी अशोक गहलोत ने निशाना साधा है, जिसमें भागवत ने कहा था कि काशी-मथुरा के लिए आरएसएस तो नहीं, लेकिन उसके कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होंगे. गहलोत ने कहा कभी वे इतनी अच्छी बातें बोलते हैं कि सब सुनते हैं. उनकी बातों में कभी सद्भाव शांति की बात होती है, तो कभी वो अपने आप को बदल देते हैं और कहते हैं कि हम तो नहीं, लेकिन काशी-मथुरा के आंदोलन में हमारे कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं. गहलोत ने कहा कि जब राम जन्मभूमि का आंदोलन हुआ था तब पूरे देश में आग लगी थी क्या मोहन भागवत चाहते हैं कि देश में फिरसे वैसे ही आग लगे. इस बयान पर भागवत को स्पष्टीकरण देना चाहिए.




















