कोटा: राजस्थान के कोटा संभाग में मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की हुई है. जिसका असर ही देखने को मिला है. भारी बारिश बीते दो दिनों से हो रही है. इसके चलते हालात विकट बने हुए हैं. कई रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं. नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे पर भी आवागमन बाधित हो गया है. निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति हो गई है. कई गांव का संपर्क कस्बे वह अन्य जगह से कट रहा है. ऐसा संभाग के चारों जिले कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ में हो रहा है.
कोटा शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है. दूसरी तरफ बारां जिले के सीसवाली में भी मुख्य बाजार में पानी होने के चलते दुकानों में प्रवेश कर गया है. यहां तक कि कई सरकारी और निजी स्कूलों प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया है. दूसरी तरफ बारां जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने जिले का अवकाश 2 दिन का अवकाश घोषित कर दिया है. यह सभी निजी और सरकारी स्कूलों पर लागू है.
निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति : गुरुवार रात से ही भारी-भारी शुरू हो गई थी, जिसका दौर अभी भी जारी है. करीब पूरे संभाग में कई जगह पर 2 से 4 इंच के आसपास बारिश पूरी रात भर में हुई है, जिससे निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई है. यहां तक कि नाल भारी उफान पर चल रहे हैं. इसके बाद एसडीआरएफ सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन की टीम में राहत और बचाव कार्य में उतर गई है.
प्रशासन में पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है. नदी-नालों के उफान में आने के चलते पुलिस का जाप्ता भी तैनात कर दिया गया है. कोटा शहर के सूरसागर एरिया में रहने वाले महावीर प्रसाद मेघवाल का कहना है कि उनके इलाके में पानी लगातार बढ़ रहा है. पानी कुछ घरों में प्रवेश कर चुका है, जबकि शेष में दहलीज तक आ गया है. बारां जिले के सीसवाली में किराना व्यवसायी सुरेश खंडेलवाल का कहना है कि मुख्य बाजार में पानी भर जाने के चलते काफी नुकसान हुआ है. पूरी रात बारिश के बाद अचानक पानी से बाजार जलमग्न हो गए थे. दुकान पहुंच कर काफी कुछ सामान समेटना पड़ा है, लेकिन फिर भी नुकसान हुआ है.
स्कूल में कर दी गई छुट्टी : प्रशासन की तरफ से छुट्टी घोषित नहीं की गई थी. ऐसे में अधिकांश स्कूल खुल गए थे. बच्चे भी बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे।, लेकिन भारी बारिश को देखते हुए एहतियातन स्कूल प्रबंधनों ने भी छुट्टी कर दी है. बच्चों को बीच में ही घर भेज दिया है. दूसरी तरफ जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने आदेश जारी करते हुए 23 अगस्त शनिवार का अवकाश घोषित कर दिया है. ऐसे में स्कूलों में 23 अगस्त को अवकाश रहेगा.
ट्रैक पर पानी आने के चलते रेल यातायात प्रभावित : दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर लाखेरी और सवाई माधोपुर के बीच में आमली स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रैक पर पानी आ गया था. इसके चलते करीब आधा दर्जन ट्रेनें लेट हुई हैं. इन ट्रेनों में ट्रेन नंबर 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन मेवाड़ एक्सप्रेस कोटा से सही समय रवाना हुई थी, लेकिन सवाई माधोपुर 1 घंटे देरी से पहुंची है. ट्रेन नंबर 12955 पश्चिम एक्सप्रेस कोटा से 20 मिनट की देरी से रवाना हुई थी, लेकिन सवाई माधोपुर वह 2 घंटे देरी से पहुंची. ट्रेन नंबर 20813 पुरी जोधपुर सुपरफास्ट कोटा से 1 घंटे की देरी से रवाना हुई थी, लेकिन सवाई माधोपुर में 2 घंटे की देरी होगी. ट्रेन नंबर 14814 भोपाल जोधपुर एक्सप्रेस कोटा से 1 घंटे की देरी रवाना हुई थी, लेकिन वर्तमान में वह 3:30 घंटे की देरी से चल रही है और अभी भी सवाई माधोपुर नहीं पहुंची है. ट्रेन नंबर 12979 बांद्रा जयपुर सुपरफास्ट कोटा से अपने तय समय से निकली थी, लेकिन सवाई माधोपुर पहुंचने में 1 घंटे की देरी होगी.
इसी तरह से नई दिल्ली से चलने वाली 12416 इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन भी देरी से पहुंची है. इन ट्रेनों को रेलवे ट्रैक पर पानी होने के चलते काफी धीमी गति से निकाला गया. इसके चलते ही देरी हो गई.
कोटा रूरल एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि नदी-नाले के उफान व भारी बारिश को देखते हुए जाप्ता तैनात किया है. आमजन से भी अपील है कि बरसात अधिक होने से चंबल, काली सिंध व अन्य नदियों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है. ऐसे में उफान होने पर उनके नजदीक नहीं जाएं व पार करने की कोशिश भी नहीं करें. आपात स्थिति में अपने निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम कोटा ग्रामीण को सूचना करें. दूसरी तरफ एसडीआरएफ की टीम गई है.
सुल्तानपुर में 8 से 10 फीट भरा पानी : कोटा जिले के सुल्तानपुर में हालात बिगड़ गए हैं, जहां पर भारी बारिश के चलते बाजारों में पानी भर गया है. दूसरी तरफ एक पुलिस जीप भी भारी पानी के बीच फंस गई थी, जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकल गया है. इसके अलावा सुल्तानपुर के बीच से निकल रही खाड़ी (बड़ा नाला) में भी काफी तेज बहाव उसमें आ रहा है. इसके साथ ही कुछ कच्चे मकान भी गिर गए. यहां तक की इस खाड़ी के नजदीक और जल भराव के क्षेत्र में करीब 8 से 10 फीट पानी भर गया है. यह पानी घरों में है. लोगों को अपना समान समेटने का मौका भी नहीं मिला है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर के नजदीक पानी आ गया है. यह पानी सुल्तानपुर एरिया में हुई भारी बारिश के बाद का पानी खेतों और इलाके में जमा हो गया था, जो कि खाड़ी बड़े नाले से बहकर निकल रहा है. दूसरी तरफ दीगोद, सुल्तानपुर, बारां के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. इटावा का पूरा इलाका जलमग्न है. कई स्टेट हाईवे और दूसरे बड़े कस्बों को जोड़ने वाले सड़क मार्ग बंद हैं. कोटा और कैथून मार्ग में भी चंद्रसेल नदी में पानी आ जाने के चलते रास्ता बंद हो गया है.




















