जयपुर: कांग्रेस ने निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराने को लेकर भजनलाल सरकार पर फिर हमला बोला. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराकर भजनलाल सरकार संविधान का उल्लंघन कर रही है. डोटासरा ने कहा कि राजीव गांधी ने 73वां और 74वां संविधान संशोधन कर लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर हर 5 साल में निकाय और पंचायत चुनाव कराने अनिवार्य किए थे.
उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है. अब हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा व चुनाव कराने को कहा. उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से पूछा कि जिन निकायों और पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनमें चुनाव क्यों नहीं कराए गए?. उन्होंने कहा की पर्ची से बनी सरकार काम नहीं कर रही. भजनलाल सरकार हमारी योजनाओं को कमजोर कर रही है, इसलिए हम लोग आंदोलन कर रहे हैं.
सिफारिशी बने हैं आईएएस: हाल में अन्य सेवाओं से आईएएस प्रमोट हुए चार अफसरों को लेकर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है, लेकिन एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी से कोई आईएएस नहीं बनाया गया, ये सब सिफारिश से बने हैं. 18 लोगों को इंटरव्यू को बुलाया. पहले दिन नौ लोगों के इंटरव्यू 7 घंटे चले. दूसरे दिन खानापूर्ति की, क्योंकि पहले से नाम तय था कि इनको चुनना है. उन्होंने आरेप लगाया कि बैकडोर से संघ पृष्ठभूमि से जुड़े ऐसे लोगों को बनाया जा रहा है.
सीएम के जिले में 2 साल से जिला प्रमुख का पद रिक्त: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि “राजीव गांधी ने 73वां 74वां संविधान संशोधन कर निकाय और पंचायत चुनाव हर 5 साल में कराने अनिवार्य किए, लेकिन विडंबना है कि राज्य सरकार चुनाव कराने से डर रही है. मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में 2 साल से जिला प्रमुख का पद का रिक्त है, वहां चुनाव नहीं हुए. ये लोग केवल तानाशाही कर रहे हैं. इनके प्रधानमंत्री भी तानाशाही करते हैं. देश में आज ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और अब चुनाव आयोग भी दबाव में काम कर रहा है.”
चुनाव आयोग पर बरसे: जूली ने कहा कि जनता का इन संस्थाओं से विश्वास उठ चुका है. राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में पुख्ता सबूत दिए. चुनाव आयुक्त को चाहिए था कि उन आरोपों का तार्किक जवाब देते, लेकिन आयोग खुद राहुल गांधी से जवाब मांग रहा है. आयोग कह रहा है कि राहुल को देश से माफी मांगनी चाहिए. लोकतंत्र में किसी अधिकारी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वो जनप्रतिनिधि को माफी मांगने को कहें. एक राजनीतिक दल जरूर कह सकता है, लेकिन आयोग का सदस्य कैसे यह बात कर सकता है. राहुल ने चुनाव आयोग की वेबसाइट से ही आंकड़े लिए थे. भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए. चुनाव आयोग भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहा है. अन्य सेवाओं से आईएएस बने लोगों के बारे में स्पष्ट हो गया कि किसकी सिफारिश से प्रमोट हुए हैं. क्या-क्या धांधली हुई, कितना इंटरफेयर हुआ, सबको पता है.




















