जयपुर: निकायों और पंचायतों के प्रस्तावित चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी हुई है. वार्ड, मंडल, बूथ और नगर कांग्रेस के बाद अब प्रदेश कार्यकारिणी में बड़े फेरबदल को लेकर पिछले दो महीनों से कांग्रेस के उच्च स्तर पर मंथन चल रहा था. प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कार्यकारिणी में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकारिणी में कौन अंदर रहेगा और किसकी छुट्टी होगी, इसे लेकर पूरा होमवर्क हो चुका है, कुछ जिलाध्यक्ष बदले भी जा सकते हैं.
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बातचीत में कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी में जल्द बड़ा फेरबदल होगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा काम किया है और जो ग्रासरूट स्तर पर दी गई जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, उन्हें कार्यकारिणी में जगह मिलेगी. वहीं, जो लोग पद लेकर भी संगठनात्मक कामकाज से दूर हैं, उन्हें हटाया जाएगा. रंधावा ने कहा कि पहले भी ऐसे लोगों को चेतावनी दी गई थी कि यदि वे काम नहीं करेंगे तो उन्हें कार्यकारिणी से हटा दिया जाएगा.
सूची जल्द ही पार्टी हाईकमान को : रंधावा ने बताया कि पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकारिणी में कौन शामिल रहेगा और किसे हटाया जाएगा. इस पर पूरा होमवर्क हो चुका है. कार्यकारिणी में बदलाव की सूची जल्द ही पार्टी हाईकमान को सौंपी जाएगी. कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव सहित कई प्रमुख पदों पर भी बदलाव होना तय है. इसके अलावा, संगठन के लिहाज से बनाए गए आठ नए जिलों के साथ-साथ कुछ पुराने जिलों में भी जिलाध्यक्षों के फेरबदल की संभावना है.
परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार: पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की सक्रियता का फीडबैक लेकर उनकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की गई है. इसके अलावा संविधान बचाओ रैलियों में सक्रिय भूमिका न निभाने वालों की भी सूची बनाई गई है. जिनकी रिपोर्ट अच्छी है, उन्हें बरकरार रखा जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वालों को हटाकर नए कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा. पार्टी नेताओं के अनुसार प्रदेश कार्यकारिणी में कुछ विधायकों और सांसदों को भी शामिल किया जाएगा. दिल्ली में हुए लंच मीटिंग के दौरान रंधावा ने इस पर चर्चा की थी, जिस पर कई सांसदों ने सहमति जताई थी.
बदले जा सकते हैं जिलाध्यक्ष: संगठन के लिहाज से बनाए गए 8 नए जिलों सहित कुछ पुराने जिलों में भी जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं. रंधावा ने कहा कि नए जिलाध्यक्षों की घोषणा जल्द की जाएगी. संभावित नामों पर मंथन चल रहा है तो वहीं कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां पर जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं.
नए बनाए संगठनात्मक जिले:
- जयपुर ग्रामीण पश्चिम (कोटपूतली-बहरोड़ सहित)
- डीग (भरतपुर से अलग)
- बालोतरा (बाड़मेर से अलग)
- नीमकाथाना (सीकर से अलग)
- ब्यावर (अजमेर से अलग)
- सलूंबर (उदयपुर से अलग)
- भीलवाड़ा ग्रामीण( भीलवाड़ा जिले से अलग)
- जोधपुर ग्रामीण पश्चिम( जोधपुर ग्रामीण से अलग)




















