Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

राजस्थान पंचायत और निकाय चुनाव पर संकट, ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट दिसंबर तक टली, सियासत गरमाई

जयपुर: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव का कार्यक्रम तय होना मुश्किल होता जा रहा है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तो शुरू कर दी, लेकिन अब ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट के चलते चुनाव पर सवाल खड़े हो गए हैं.

राज्य ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 3 महीने का समय मांगा है. आयोग का कहना है कि दिसंबर 2025 तक ही वह रिपोर्ट सौंप पाएगा.

Advertisement Box

ओबीसी आयोग ने लिखी चिट्ठी: 22 अगस्त 2025 को आयोग के सचिव अशोक कुमार जैन ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर बताया कि ओबीसी परिवारों का सर्वे किया जा रहा है.

इसके लिए संस्थाओं, राजनीतिक दलों, शोधकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा करके आंकड़े जुटाए जा रहे हैं. आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया बेहद विस्तृत है और हर पंचायत राज संस्था व नगरीय निकाय में ओबीसी आरक्षण तय करना जटिल काम है. आयोग ने साफ लिखा कि दिसंबर 2025 तक ही वह रिपोर्ट प्रस्तुत कर पाएगा, जब तक यह रिपोर्ट पूरी नहीं होती, तब तक चुनाव कराना संभव नहीं है.

वहीx, इस मामले में अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के सचिव अशोक कुमार जैन का कहना है कि “हमने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 3 महीने का समय मांगा है, लेकिन परिस्थितिया तय करेंगी कि कितना समय लग सकता है, क्योंकि पूरे राजस्थान में ओबीसी वर्ग का सर्वे होना है, हो सकता है कि 3 महीने से पहले ही हमारा काम पूरा हो जाए और हो सकता है कि सर्वे के दौरान और हमें क्या आवश्यकता पड़े, उस लिहाज से समय लग सकता है. हमने 3 महीने का ही समय मांगा है आगे परिस्थितियों के अनुसार देखेंगे.”

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दबाव: दरअसल, मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि पंचायत और निकाय चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाए. इसी आधार पर सरकार ने 27 मई 2025 को सेवानिवृत्त जज मदनलाल की अध्यक्षता में राज्य ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का गठन किया था.

कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर पंचायत और निकाय वार्ड में ओबीसी आरक्षण का निर्धारण आयोग की रिपोर्ट पर आधारित होना चाहिए, यानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण बिना रिपोर्ट के चुनाव कराना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है. यही वजह है कि अब राज्य निर्वाचन आयोग भी असमंजस में है.

डोटासरा ने साधा निशाना: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराना लोकतंत्र के साथ मजाक होगा. सत्ता में आए हुए सरकार को 2 साल हो गए हैं, लेकिन डेढ़ साल तक आयोग का गठन ही नहीं किया गया. अब आयोग बना भी तो उसे संसाधन तक नहीं दिए गए.

डोटासरा ने आरोप लगाया कि आयोग के पास न ऑफिस है, न स्टाफ. यहां तक कि स्टेशनरी और पेन तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं. उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास पहले से ही ओबीसी का डेटा मौजूद है तो रिपोर्ट में इतनी देरी क्योंय़?. उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ओबीसी की जनसंख्या के हिसाब से आरक्षण देगी या एससी-एसटी की जनसंख्या के आधार पर.

कांग्रेस ओबीसी विभाग की आपत्ति: कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राजेंद्र सेन ने कहा कि सरकार की नीयत चुनाव कराने की नहीं है. एक तरफ निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आयोग ने दिसंबर तक का समय मांग लिया है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो समय पर आयोग बनाकर चुनाव की तैयारी कर लेती, लेकिन जानबूझकर विलंब किया जा रहा है.

मंत्री का जवाब और वन स्टेट वन इलेक्शन: नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि सरकार दिसंबर 2025 तक सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव “वन स्टेट वन इलेक्शन” के तहत कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 6 महीने में चुनाव कराने का आदेश दिया है और यह अवधि फरवरी 2026 में पूरी होगी. सरकार तो इससे पहले ही यानी दिसंबर 2025 में चुनाव कराना चाहती है. इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं होगी. हालांकि, चुनाव आयोग ने “वन स्टेट वन इलेक्शन” को व्यवहारिक रूप से कठिन बताया है, जिस पर मंत्री ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

निर्वाचन आयोग का रुख: राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने कुछ दिन पहले मीडिया से कहा था कि 10 दिनों के भीतर चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा और 2 महीने के भीतर चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन अब आयोग की रिपोर्ट के बिना यह घोषणा अधर में लटक गई है. इस पूरे विवाद ने राजस्थान की राजनीति में गरमी ला दी है. कांग्रेस सरकार पर हमला बोल रही है कि वह जानबूझकर आयोग का गठन और रिपोर्ट में देरी कर रही है. वहीं, सरकार का कहना है कि दिसंबर 2025 तक चुनाव हर हाल में कराए जाएंगे और लोकतंत्र की प्रक्रिया बाधित नहीं होगी.

Best Service Providers Near You
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें