जोधपुर: पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने मंगलवार को क्राइम मीटिंग के बाद माता का थान थाना अधिकारी भंवर सिंह जाखड़ को थाने से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया. पुलिस कमिश्नर के अनुसार कर्तव्य में शीथलता बरतने पर जाखड़ को लाइन भेजा है. पुलिस की क्राइम मीटिंग में कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था की पालना में कोई अधिकारी कोताही नहीं बरतें. खामियां मिलने पर कार्रवाई होगी. अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मी इनाम के हकदार होंगे.
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने आयुक्तालय के क्षेत्राधिकार में साइबर अपराध रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, साइबर अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई करने, आसूचना तंत्र विकसित कर अवैध हथियारों के विरूद्ध अधिकाधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. कमिश्नर ने पेंडेंसी खत्म करने को भी कहा. उन्होंने शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में पुलिस की अधिकाधिक उपस्थिति की बात कही. रात्रि पैदल गश्त के दौरान थानाधिकारी को सशस्त्र रहने को कहा.
वाहन चोरी बड़ी, तकनीक का इस्तेमाल करें: क्राइम मीटिंग में पेश आंकड़ों के अनुसार, दुपहिया वाहन चोरी के अपराध बढ़े हैं. कमिश्नर ने इसकी रोकथाम के लिए वाहन चोरी के पूर्व में चालानशुदा अभियुक्तों से पूछताछ कर एवं तकनीकी साधनों का उपयोग कर वाहन चोरों के विरूद्ध कार्रवाई करने को कहा. संगठित अपराध की रोकथाम के लिए गैंगस्टर, संगठित गैंग के सरगना एवं सदस्यों के विरूद्ध नवीन कानून की धारा 107, 111 व 112 बीएनएस के अन्तर्गत अधिकाधिक कार्रवाई करने को कहा.
एक माह बाद कार्रवाई, आरोपी पुलिसकर्मी फरार: माता का थान थाना में 14 जुलाई को चार कांस्टेबल जगमाल जाट, नृसिंह जाट राकेश पूनिया और लादूराम मेघवाल और सरदारपुरा थाने के ऋषभ ने मिलकर महामंदिर थाना निवासी दो युवकों का अपहरण किया था.थाने में उनसे करीब 11 लख रुपए वसूले. इसके चलते तत्कालीन डीसीपी आलोक श्रीवास्तव ने चारों कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया. जांच में पाया कि यह घटना थाने में हुई तो थाना अधिकारी भंवर सिंह जाखड़ थाने में मौजूद थे. इसकी पड़ताल के बाद जाखड़ को लाइन हाजिर किया गया है. सरदारपुरा थाने का कांस्टेबल ऋषभ और दलाल भूपेंद्र अभी फरार हैं.




















