बारां: शहर में गत 31 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पथ संचलन के मार्ग को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले में बड़ी संख्या में युवकों ने पुलिस पर भी हमला किया था. इस मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. शेष आरोपियों के संबंध में जांच-पड़ताल चल रही है. पुलिस टीमें उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही हैं.
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है. कोतवाली थाने में 29 लोगों के नामजद और अन्य 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, पुलिस पर जानलेवा हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और रास्ता रोकने का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस घटनाक्रम में बारां कोतवाली थाना अधिकारी योगेश चौहान सहित कई पुलिस कर्मी चोटिल हुए थे.
लाठी, डंडा व तलवार लेकर पहुंचे थे हमलावर: थानाधिकारी योगेश चौहान ने बताया कि आरएसएस के पथ संचलन का निश्चित मार्ग पहले से तय था, लेकिन करीब 300-400 लोगों ने तिपहिया वाहन आम रास्ते पर लगाकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया. ये लोग हाथों में लकड़ियां, सरिए, तलवारें, हॉकी स्टिक लिए हुए थे और नारेबाजी कर रहे थे. इन लोगों से समझाइश की गई थी. जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने भी उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन इन लोगों ने संचलन को निकलने नहीं दिया. बाद में उन्होंने पुलिस पर लाठी, तलवार, लकड़ी और डंडे से हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए.
थानाधिकारी ने बताया कि उनको खुद को भी चोट लगी है. इसके अलावा हेड कांस्टेबल अमरचंद, धर्मपाल, कांस्टेबल प्रदीप और वीडियोग्राफी कर रहे नवल किशोर चोटिल हुए हैं. नवल किशोर का मोबाइल और सरकारी सिग्मा बाइक तोड़ दी गई है. कांस्टेबल प्रदीप को अधिक चोटें आई हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.



















