जयपुर: देशभर के कई हिस्सों की तरह राजधानी जयपुर में भी बम धमाकों की फर्जी धमकियां लगातार मिल रही हैं. हालात यह हैं कि अब तक स्कूल, अस्पताल, मेट्रो स्टेशन, कोर्ट, एयरपोर्ट और यहां तक कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक को निशाना बनाया जा चुका है. पुलिस ने कई बार बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से तलाशी अभियान चलाए, लेकिन हर बार यह धमकियां फर्जी साबित हुईं. इसके बावजूद इन धमकियों के पीछे की असली साजिश का खुलासा अब तक नहीं हो सका है.
वीपीएन से भेजे जा रहे मेल: पुलिस की जांच में सामने आया है कि ज्यादातर धमकीभरे ईमेल वीपीएन नेटवर्क या विदेशी सर्वरों का इस्तेमाल करके भेजे गए हैं. ऐसे मामलों में मेल भेजने वाले की लोकेशन और पहचान निकालना बड़ी चुनौती साबित हो रही है. हालांकि, कुछ धमकियों के मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें आरोपी ने सीधे पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल कर धमकी दी. इस तरह के मामलों में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है.
स्कूलों को बार-बार मिल रही धमकी: जयपुर के जलेब चौक स्थित एक निजी स्कूल को गुरुवार को तीसरी बार बम ब्लास्ट की धमकी मिली. इससे पहले जून और जुलाई में भी इसी स्कूल को धमकीभरे ईमेल भेजे गए थे. तीनों बार पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने गहन तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. जयपुर के अन्य निजी स्कूल, कॉलेज और अस्पताल भी पहले ऐसे मेल की जद में आ चुके हैं, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल है.
मुख्यमंत्री कार्यालय और एयरपोर्ट भी निशाने पर: कुछ समय पहले जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी धमकीभरे ईमेल मिले थे. इसके बाद दोनों जगह कड़ी सुरक्षा और तलाशी अभियान चलाया गया. हालांकि, जांच में वहां भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला. वहीं, हाल ही में झुंझुनू से एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जिसने शराब के नशे में पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करके मुख्यमंत्री कार्यालय में बम होने की झूठी सूचना दी थी.
पांच बार एसएमएस स्टेडियम को उड़ाने की धमकी: सवाई मानसिंह स्टेडियम को लेकर भी धमकियां लगातार मिलती रहीं. केवल 8 दिन में पांच बार खेल परिषद को धमकीभरे ईमेल भेजे गए. बाद में अहमदाबाद पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया, जिसने एकतरफा प्यार में नाकाम रहने के बाद एक युवक के नाम से ईमेल आईडी बनाकर धमकियां दी थीं.
केंद्रीय एजेंसियों की मदद से जांच: जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि जब धमकीभरे मेल वीपीएन या विदेशी सर्वरों से भेजे जाते हैं तो उनकी वास्तविक लोकेशन और पहचान तक पहुंचने में समय लगता है. यह एक तकनीकी चुनौती है, लेकिन इसे हल करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है. केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि देशभर के कई शहरों में इसी तरह की धमकियां लगातार मिल रही हैं, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है.




















