Bhilwara : नौगांव सांवरिया सेठ का पावन धाम नजर आया भक्ति के रंग में सराबोर
मोबाइल की लत ने छीनी युवाओं की नींद, भागवत ही आत्मा का सच्चा भोजन : गोवत्स राधाकृष्ण
माधव गोशाला में भागवत समरसता महोत्सव शुरू, 501 कलश की निकली शोभायात्रा, गांव वालों ने किया पुष्पवर्षा से स्वागत
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। शहर से 17 किलोमीटर दूर स्थित नोगांवा सांवरिया सेठ का पावन धाम शुक्रवार को पूर्णतः भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्श्रीमद् भागवत समरसता महोत्सवश् के भव्य आगाज का।
सुबह जब नौगांवा की गलियों में 501 मंगल कलशों का कारवां निकला, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो साक्षात देवलोक की छटा धरती पर उतर आई हो। माधव गोशाला अध्यक्ष डीपी अग्रवाल एवं मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडानी ने बताया कि आयोजन का प्रारंभ गांव के चारभुजा मंदिर से ठाकुर जी के बेवाण की रवानगी के साथ हुआ। बैंड-बाजे की मधुर स्वर लहरियों और श्हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल कीश् के गगनभेदी उद्घोष ने समूचे वातावरण को वैकुंठमय बना दिया।
मंगल गीत गाती 501 सौभाग्यवती महिलाओं और थिरकते युवाओं की टोली इस यात्रा की शोभा बढ़ा रही थी। ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर पुष्प वर्षा के साथ यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। दोपहर 1 बजे जैसे ही प्रख्यात संत गोवत्स संत राधाकृष्ण व्यासपीठ पर विराजे, पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संत श्री ने आधुनिक जीवनशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज का युवा रात के दो-दो बजे तक मोबाइल में डूबा रहता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, ष्जैसे मां बच्चे को कलेजे से लगाकर सोती है, आज का युवा मोबाइल को सीने से लगाकर सोता है।

यही कारण है कि श्अनिद्राश् युवाओं की सबसे बड़ी बीमारी बन गई है।ष् उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोरंजन मस्तिष्क का उन्माद है, जबकि भागवत कथा आत्मा का वास्तविक भोजन है। संत श्री ने फिल्म और कथा के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से बनी फिल्म को दो-तीन बार देखने के बाद उसमें कोई रस नहीं बचता, लेकिन भागवत कथा को 20 साल बाद भी सुना जाए, तो वह एक नई अनुभूति और ताजगी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भगवान को स्वर्ण, रत्न या माला चढ़ाने से कहीं अधिक प्रिय भक्त का कथा पंडाल में आकर बैठना है। प्रवचन में उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्संग में आकर बैठना भी एक बड़ा संस्कार है। ष्सांवरे से मिलने का बहाना ही सत्संग है।ष् उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में श्संतोषश् को धारण करें, क्योंकि संतोष ही सबसे बड़ा बल और सुख है। उन्होंने माधव गोशाला की पवित्रता को महसूस करते हुए इसे गोधाम नाम दिया।
प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
संस्थान की रसायनशाला में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही। मधुसूदन बहेड़िया ने बताया कि इसमें पिछले 23 वर्षों के गो-संरक्षण और मंदिर निर्माण की संघर्षपूर्ण यात्रा को दर्शाया गया है। संयोजक मनीष बहेड़िया एवं सोहनलाल गहलोत के अनुसार, पहले ही दिन भारी भीड़ उमड़ी, जिसे कार्यकर्ताओं ने सुव्यवस्थित ढंग से संभाला। श्रद्धालुओं के लिए रामधाम से निशुल्क बस सेवा और कथा स्थल पर पेयजल व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। कथा का कुशल संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया।
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इन्होंने लिया संत श्री का पावन आशीर्वाद
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ पूजन के दौरान क्षेत्र की कई गणमान्य विभूतियों ने महाराज श्री का वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संत रामस्वरूप (बांसवाड़ा), संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई, नंदलाल भाई, लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री प्रकाश भाई, प्रांत कार्यवाह डॉ. शंकर लाल माली, जिला कार्यवाह सत्यनारायण कुमावत, कपासन से अशोक चंडालिया, महानगर संघचालक कैलाश खोईवाल, मुकुट बिहारी बहेड़िया, मांगीलाल बहेड़िया, रामपुर से शांतिलाल झंवर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, भंवरलाल दरगड़, रामप्रकाश बहेड़िया, मुकेश सोनी, रितु शेखर शर्मा, श्रवण सेन एवं राकेश खोईवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आज सजेगी कुमुद विहार में भजन संध्या
शहर के कुमुद विहार क्षेत्र में श्री भागवत समरसता महोत्सव के पावन अवसर पर शनिवार को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। चैत्र शुक्ल दशमी के इस विशेष मौके पर गौवत्स संत राधाकृष्ण महाराज अपने भजनों के माध्यम से भक्ति की रसधार बहाएंगे। कार्यक्रम फ्लोरा पार्क के सामने स्थित कुमुद विहार-1 में आयोजित होगा, जिसकी शुरुआत सायंकाल 7.30 बजे से होगी। आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
Bhilwara : नौगांव सांवरिया सेठ का पावन धाम नजर आया भक्ति के रंग में सराबोर




















