भरतपुर: बरसात के इस सीजन ने भरतपुर जिले और केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान दोनों को राहत की सांस दी है. जिले में अब तक 518 मिमी बरसात हो चुकी है. साथ ही करौली के पांचना बांध से छोड़ा गया पानी जिले की प्यास बुझाने के साथ ही घना को भी संजीवनी दे रहा है. जल संसाधन विभाग से लेकर वन विभाग तक हर कोई आश्वस्त है कि पानी की उपलब्धता इस बार न सिर्फ फसलों और लोगों के लिए पर्याप्त रहेगी, बल्कि प्रवासी पक्षियों के लिए भी घना स्वर्ग साबित होगा.
अधिकांश इलाकों में संतोषजनक वर्षा: जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) बने सिंह ने बताया कि 14 अगस्त तक जिले में 518.77 मिमी बारिश दर्ज की गई है. यह जिले के सामान्य औसत 578 मिमी से लगभग 10 प्रतिशत कम है. हालांकि अभी मानसून समाप्त नहीं हुआ है. जिले में इस साल बरसात का वितरण संतुलित रहा है. ब्लॉकवार स्थिति देखें, तो भरतपुर शहर में 648 मिमी, बारैठा में 692, बयाना में 632, उच्चैन में 604 और हलैना में 562 मिमी बारिश दर्ज हुई है. वहीं अजान बंध पर 449, भुसावर में 422, हिंगोटा में 492, नदबई में 367, रूपवास में 378 और सेवर में 525 मिमी बारिश हुई. इन आंकड़ों से साफ है कि जिले में अधिकांश इलाकों में संतोषजनक वर्षा हुई है.
घना: पानी भी भरपूर, भोजन भी प्रचुर: उद्यान निदेशक मानस सिंह ने बताया कि इस बार घना को जरूरत का पूरा पानी मिल चुका है. पांचना से मिली आपूर्ति से सीजन की सभी आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में थोड़े अतिरिक्त पानी की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन अभी किसी तरह की चिंता की बात नहीं है. सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि पांचना के पानी के साथ करीब 15 नई प्रजातियों की लाखों मछलियां घना पहुंची हैं. मानस सिंह ने बताया कि इन मछलियों की मौजूदगी प्रवासी पक्षियों के लिए भोजन का भंडार बनेगी. इसका सीधा असर यह होगा कि इस बार घना में विदेशी पक्षियों की संख्या और भी अधिक देखने को मिलेगी.
पक्षियों का स्वागत करने को तैयार घना: हर साल साइबेरिया, चीन और यूरोप से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पक्षी भरतपुर के घना आते हैं. इन पक्षियों के लिए सबसे अहम होता है पर्याप्त पानी और भोजन. इस बार दोनों का इंतजाम प्राकृतिक रूप से हो चुका है. जब भोजन अधिक होता है, तो पक्षी लंबी अवधि तक किसी स्थान पर रुकते हैं. यानी इस बार पर्यटकों को घना में पक्षियों की बड़ी तादाद देखने को मिलेगी.




















