जोधपुर: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मारवाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं. विधानसभा चुनाव में क्षेत्र से एक भी सीट नहीं जीतने के बाद बेनीवाल खोई जमीन की तलाश में अपने विरोधी दलों पर हमलावार हैं. बीते चार दिन में दो बार प्रशासन को वार्ता के लिए मजबूर कर चुके बेनीवाल हर मुद्दे पर भाजपा व कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ ले रहे हैं. विधानसभा चुनाव में दोनों दलों ने उनके नेताओं को तोड़कर बेनीवाल को झटका दिया था. यही कारण है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री हरीश चौधरी व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उनके निशाने पर हैं. उनकी सक्रियता आगामी पंचायत चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही हैं. वे दोनों दलों को परेशान कर सकते हैं. जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त कराने का मुद्दा लेकर बेनीवाल ने रविवार देर रात बालोतरा कूच किया.
इससे पहले आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर व बाड़मेर के नेताओं पर जमकर हमला बोला. उन्होंने सोमवार सुबह गजेंद्रसिंह शेखावत और जोगाराम पटेल पर हमला बोला और पूछा कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता जनता के बीच क्यों नहीं आते ? नेता दावा कर रहे हैं करोड़ों सेंक्शन हो गए लेकिन वहां कुछ नहीं हो रहा है. इस हिसाब से पांच साल लगेंगे, तब तक कुछ बचेगा नहीं. बेनीवाल ने कहा कि जोजरी जन आंदोलन बन चुका हैं. पूरे मारवाड़ की पुलिस सड़क पर थी. हमने अंतिम चेतावनी दे दी है. बोले, ‘मैं दिल्ली में भी यह मामला उठाउंगा’.
सीएम दस बजे सो जाते हैं, पता नहीं चलता: बेनीवाल ने कहा कि रविवार रात धरना स्थल पर बालोतरा कलेक्टर नौ बजे आने वाले थे, लेकिन नहीं आए. बाद में पता चला कि सीएम के सचिव शिखर अग्रवाल ने उन्हें मना कर दिया कि बेनीवाल के पास नहीं जाना है. हम वहां चले गए तो रात को सबको बाहर आना पड़ा. दुर्भाग्य है कि सरकार अधिकारी चला रहे हैं. सीएम दस बजे सो जाते हैं. उसके बाद राजस्थान में क्या हो रहा है कुछ पता नहीं होता है. ऐसा ही चला तो महिने दो महीने में सीएम का कनेक्शन राजस्थान से कट जाएगा. जोधपुर में सीएम के आने से पहले व जाने के बाद हुई फायरिंग पर बेनीवाल ने कहा कि सीएम को खुद को पांच बार धमकी मिल चुकी है. जोधपुर में कमिश्नर व आईजी ऐसे अधिकारी लगा दिए हैं, जिनको जनता से मतलब नहीं है. नेता कंपनियों के मुनीम बने हैं, जो राज्य का दुर्भाग्य है.
सालवा कलां में सड़क की घोषणा कराई: जोधपुर की भोपालगढ़ विधानसभा के सालवा कलां में जाजीवाल–खांगटा वाया सालवा कलां सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ा करने के लिए बजट की मांग लेकर 17 दिन से ग्रामीण धरने पर बैठे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी. बेनीवाल 13 अगस्त की रात धरनास्थल पहुंचे. इसके बाद धरना चलता रहा. अधिकारियों ने बेनीवाल से बातकर देर रात पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मौके पर भेजा. जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सड़क सुधारने को लेकर जल्द कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, तब धरना समाप्त हुआ.
जोजरी के सहारे बाड़मेर तक मार: जोजरी नदी जोधपुर से निकल लूणी के साथ बहती है, लेकिन यहां औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी ने नदी को दूषित कर दिया. जोजरी जोधपुर से अब बालोतरा से बाड़मेर जिले में प्रवेश करती हैं. बेनीवाल की रालोपा नागौर के बाद सर्वाधिक बाड़मेर जिले में मजबूत थी. गत लोकसभा चुनाव में ऐनवक्त पर कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने आरएलपी नेता उमेदाराम बेनीवाल को कांग्रेस ज्वाइन करा टिकट दिलाया. उमेदाराम सांसद का चुनाव जीत गए, जो बेनीवाल के लिए बड़ा राजनीतिक झटका था. इससे उबरकर वे अब क्षेत्र में फिर पांव जमाया. दोबारा से बालोतरा व बाड़मेर में पार्टी की जमीन मजबूत कर रहे हैं.
तीन से शून्य हुई सीटें: विधानसभा चुनाव 2018 में बेनीवाल की पार्टी की विधानसभा में तीन सीटें थी. इनमें एक सीट खींवसर सीट पर उनके भाई विधायक थे, नागौर की मेड़ता सुरक्षित सीट से इंद्रा बावरी व तीसरी सीट जोधपुर की भोपालगढ़ सुरक्षित सीट थी, जहां से पुखराज गर्ग विधायक बने थे. 2023 में सबको उम्मीद थी कि बेनीवाल की पार्टी इस बार दहाई का आंकड़ा पार कर लेगी, लेकिन पार्टी की एकमात्र सीट बेनीवाल ने खुद खींवसर से जीती थी, बाकी सभी जगह हार हुई. जोधपुर व बाड़मेर जिले में आरएलपी उम्मीदवारों ने भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दी, लेकिन जीत नहीं पाए. इसके बाद बेनीवाल सांसद का चुनाव लड़ दिल्ली चले गए. उनकी सीट पर उपचुनाव में पत्नी को हार मिली. भाजपा के रेवंतराम डांगा ने चुनाव जीता था. डांगा खुद बेनीवाल के सहयेागी रहे थे.




















