जयपुर: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया गुरुवार, 21 अगस्त 2025 से शुरू हो चुकी है. विद्यार्थी देश और विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में पढ़ाई के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं. आवेदन का पहला चरण 20 सितंबर 2025 तक चलेगा. इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहयोग प्रदान कर उन्हें वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है.
क्या मिलेगा लाभ: इस स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च और अन्य शैक्षणिक खर्चों में सहायता दी जाएगी. इससे उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्त होकर पढ़ाई का अवसर मिलेगा. राज्य सरकार ने इस बार आवेदन प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा है. पहला चरण 21 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक है. वहीं, बाकि दो चरणों की तिथियां बाद में घोषित होंगी. इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को तैयारी और आवश्यक दस्तावेज जुटाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. आवेदन के लिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फार्म भरना होगा. अंकतालिकाएं, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र जैसे दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा.
सीटों का बंटवारा और बदलाव
- प्रथम चरण के लिए आवेदन की सीमा 21 अगस्त से 20 सितंबर 2025
- इस बार कुल 500 सीटों पर आवेदन लिए जाएंगे.
- 150 सीटें विदेश के संस्थानों में अध्ययन के लिए.
- 350 सीटें भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए.
- 30% सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित.
- पिछले वर्षों की तुलना में इस बार विदेश की सीटों में कटौती की गई है.
नई गाइडलाइन और कैटेगरी: गाइडलाइन में इस बार अहम बदलाव किए गए हैं. अब E-2 कैटेगरी (वार्षिक आय ₹8 लाख से ₹25 लाख) के विद्यार्थी भी देश के संस्थानों में आवेदन कर सकेंगे. पहले उन्हें केवल विदेश अध्ययन के लिए ही पात्र माना जाता था. इसके अलावा, महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए 30% सीटें उनके लिए सुरक्षित रखी गई हैं.
पिछले सत्र की तुलना: सत्र 2024-25 में कुल 500 नई छात्रवृत्तियां प्रदान की गई थीं. उस सत्र में 365 छात्रों का चयन, जिनमें 308 विदेश और 57 देश में पढ़ाई के लिए हुआ था. वहीं, 145 सीटें देश में खाली थीं, जिन्हें दोबारा खोलने की अनुमति दी गई. पहले सरकार ने विदेशी अध्ययन के लिए आवंटित सीटें 500 से घटाकर 300 कर दी थीं, जबकि देश के संस्थानों के लिए 200 सीटें रखी थीं.
योजना का स्वरूप: यह योजना पहले राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के नाम से जानी जाती थी, जिसे बाद में स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप नाम दिया गया. इस योजना के तहत QS विश्व रैंकिंग में शामिल शीर्ष 150 विदेशी विश्वविद्यालयों और NIRF में शीर्ष 50 भारतीय संस्थानों में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाती है.
आय आधारित श्रेणियां इस प्रकार हैं
- E-1: वार्षिक आय ₹8 लाख तक.
- E-2: ₹8 लाख से ₹25 लाख तक.
- E-3: ₹25 लाख से अधिक.




















