जयपुर: प्रदेश में कार्यकाल पूरा होने के बावजूद भी निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले को लेकर जहां हाईकोर्ट ने भी अब सरकार को जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं, तो वहीं कांग्रेस भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है. बुधवार को कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से पीसीसी मुख्यालय से राज भवन के लिए कूच किया गया.
बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी मुख्यालय से राजभवन की ओर पैदल मार्च करते हुए निकले, लेकिन शहीद स्मारक पर ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया, जिससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए. पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर ले रखे थे, जिनमें स्वराज बचाओ रैली, पंचायत और निकाय चुनाव करने की मांग, निकाय पंचायत चुनाव में दो बच्चों का नियम हटाने जैसे स्लोगन लिखे थे. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ उलझने का प्रयास नहीं किया और शांति के साथ वहीं सड़क पर धरने पर बैठे रहे. कांग्रेस के पैदल मार्च को देखते हुए शहीद स्मारक के बाहर पुलिस ने तगड़े बंदोबस्त किए थे और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की थी.
इसके बाद राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सीबी यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज भवन पहुंचा और निकाय और पंचायत चुनाव शीघ्र कराने सहित कई अन्य मांगों का लेकर अपनी बात रखी. निकाय-पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदेश भर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान का ज्ञापन भी राज्यपाल को सौंपा.
डोटासरा- जूली ने रवाना किया पैदल मार्च: वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पैदल मार्च को पीसीसी मुख्यालय के बाहर से रवाना किया. पैदल मार्च से पहले पीसीसी मुख्यालय के बाहर कांग्रेस के पंचायत राज संगठन की ओर से स्वराज संवाद किया गया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता चरखा कातते हुए नजर आए. कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की जयंती पर निकाय पंचायत चुनाव को लेकर उनके योगदान को याद करते हुए अपनी अपनी बात रखी. साथ ही निकाय-पंचायत चुनाव नहीं करने को लेकर भजनलाल सरकार को भी निशाने पर लिया.
स्वराज संवाद को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजीव गांधी ने महात्मा गांधी के स्वराज के सपने को साकार किया था. 73वें, 74वें संविधान संशोधन में हर 5 साल में चुनाव करने अनिवार्य किए थे. उन्होंने कहा था अगर केंद्र से एक रुपया जाता है, तो 25 पैसे ही आदमी तक पहुंचते हैं. इसलिए उन्होंने सीधे लोगों के खाते में पैसा पहुंचाना शुरू किया था. मोदी सरकार जो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की बात करती है, वो राजीव गांधी की देन है. उन्होंने कहा कि 1 सितंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, हम निकाय और पंचायत चुनाव के मुद्दे को लेकर विधानसभा में जोर-शोर से उठाएंगे.
डोटासरा ने स्वराज संवाद रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार नहीं सर्कस चल रहा है. मंत्री, मुख्यमंत्री की नहीं मानते. ब्यूरोक्रेसी मुख्यमंत्री और मंत्रियों की नहीं मानती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली में घूम रहे हैं जबकि उन्हें जनता के बीच में जाकर विकास के काम करने चाहिए. डोटासरा ने कहा कि 7 सितंबर से पहले हम ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ को लेकर एक प्रदेशव्यापी रैली करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पंचायत राज संगठन ने हस्ताक्षर अभियान चलाया था. इस तरह से हम भी अब ब्लॉक लेवल पर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे. साथ ही निकाय, पंचायत चुनाव का मुद्दा विधानसभा में पूरी जोर-शोर से उठाएंगे. रैली को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, विधायक हाकम अली, जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने भी संबोधित किया.




















