जोधपुर : राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा रविवार को जोधपुर में विवादों में घिर गई. स्थानीय प्रशासन में पेपर लीक जैसी कोई घटना से इनकार किया है. वहीं, छात्रों की मांग पर औपचारिक जांच की बात कही जा रही है. इस बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर इस मामले की एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की है. वहीं, प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने भी इस मामले पर सरकार को घेरते हुए इस मामले की SOG से जांच की मांग की है.
जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र के खेतेश्वर स्कूल परीक्षा केंद्र पर पहली पारी में कमरा नंबर 5 में प्रश्न पत्र की पैकिंग खुली मिली. इस पर अभ्यर्थियों ने हंगामा कर विरोध जताया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र का लिफाफा फटा हुआ मिला, जिससे पेपर लीक होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मामले की जांच के बाद अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार किया.
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने दें. फिलहाल प्रशासन ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है. छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी आवाज उठाई तो उन्हें परीक्षा विक्षक ने अभी तो से कहा कि अगर उन्होंने अनुशासनी रखा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
65 प्रतिशत अभ्यर्थी हुए शामिल : परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मजिस्ट्रेट शहर प्रथम उदयभान चरण ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. कुछ जगह शिकायतें आई थीं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से जांचकर निस्तारित कर दिया गया. वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रथम पारी में 36,800 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 22,219 उपस्थित हुए जबकि 14,581 अनुपस्थित रहे. वहीं, द्वितीय पारी में 36,800 में से 21,990 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 14,810 अनुपस्थित रहे. इस तरह दोनों पारियों में औसतन 68% उपस्थिति दर्ज की गई. अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए थे, जिसके चलते कहीं-कहीं अभ्यर्थियों को कठिनाई आई, लेकिन समग्र रूप से परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई.




















