जयपुर: राजस्थान की 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र 1 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. मानसून सत्र छोटा रहने की उम्मीद है, लेकिन इसमें हंगामे के आसार हैं. सदन को सुचारू रूप से बिना किसी व्यवधान के चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी प्रयास कर रहे हैं. इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष ने 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 31 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास पर विधायक दल की बैठक होगी.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 1 सितंबर से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है. इसकी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पक्ष-विपक्ष के साथ 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक करेंगे. सदन सुचारू रूप से चले और जनता से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्वक चर्चा हो, इसके लिए यह चर्चा होगी. पटेल ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा किए गए कार्यों के दम पर हम विपक्ष को उनकी ही भाषा में पुरजोर जवाब देंगे. पटेल ने कहा कि 1 सितंबर को कार्य सलाहकार समिति(बीएसी) की बैठक होगी, जिसमें आगे के सत्र को लेकर कार्यसूची तय की जाएगी.
विधायी कार्यों पर फोकस: संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने कहा कि इस बार मानसून सत्र में ज्यादातर विधायी कार्यों पर फोकस रहेगा. जो बिल पहले प्रवर समिति के पास भेजे गए थे, वे पटल पर आएंगे और चर्चा होगी. इसके साथ ही धर्मांतरण विधेयक, सहकारिता से जुड़ा बिल, विश्वविद्यालय से संबंधित बिल और मेडिकल इंस्टीट्यूट से जुड़ा बिल सहित अनेक बिल इस सदन में आने की संभावना है. पटेल ने कहा कि जनता के हित में जिस तरह के भी फैसले लेने होंगे, सरकार लेगी, जो भी बिल संशोधन करने होंगे या नए बिल लाने होंगे, वे लाए जाएंगे.




















