जयपुर. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बीती रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस बार एसीबी की रडार पर कोई और नहीं, बल्कि एसीबी का ही एक वरिष्ठ अधिकारी झालावाड़ एसीबी के प्रभारी एडिशनल एसपी जगराम मीणा आ गए. राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपने ही विभाग के एडिशनल एसपी को बड़ी नकदी के साथ पकड़ा है. एसीबी की स्पेशल यूनिट ने जयपुर के शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर एडिशनल एसपी जगराम मीणा की गाड़ी को अचानक रोका और औचक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान उनकी कार से 9 लाख 50 हजार रुपए नकद बरामद किए गए. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह राशि कथित रूप से मासिक बंधी वसूली से जुड़ी हो सकती है, जिसे जगराम मीणा जयपुर लेकर आ रहे थे. यह कार्रवाई एसीबी के स्पेशल यूनिट के एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में की गई. एसीबी ने आशंका के आधार पर पहले से निगरानी रख रही थी और खुफिया इनपुट मिलने के बाद इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
हाल ही में झालावाड़ से भीलवाड़ा किए गए थे अटैच
जगराम मीणा को हाल ही में झालावाड़ से हटाकर भीलवाड़ा अटैच किया गया था. इसी दौरान वह बड़ी नकदी लेकर जयपुर आ रहे थे. एसीबी की टीम को पहले से इनपुट था कि मीणा नियमित रूप से मासिक बंधी के तौर पर धन इकट्ठा कर रहा है. इसी इनपुट के आधार पर एसीबी के स्पेशल यूनिट के एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई ने एसीबी के अंदर ही फैले भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो जगराम मीणा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी.
जगराम मीणा से की जा रही है पूछताछ
एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक टीम ने शिवदासपुरा टोल नाके पर उनकी गाड़ी को रोका और तलाशी ली. जांच के दौरान गाड़ी में रखे बैग से भारी नकदी मिलने पर हैरान रह गए. अब एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद की गई राशि कहां से और किन स्रोतों से एकत्रित की गई थी. प्रारंभिक तौर पर इसे मासिक अवैध वसूली का हिस्सा माना जा रहा है. जगराम मीणा से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस मामले में विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है.




















