भरतपुर: सेवर सेंट्रल कारागृह में बंद एक बंदी की रविवार सुबह इलाज के दौरान आरबीएम अस्पताल में मौत हो गई. बंदी आबकारी के एक मामले में सजायाफ्ता था. उसे सुबह तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुबह करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाए और सेवर केंद्रीय कारागार के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.
सीओ पंकज यादव ने बताया कि चेतपाल (43) पुत्र प्रभूदयाल, निवासी ऊंचा गांव, थाना सेवर आबकारी के मुकदमे में जेल में बंद था. चेतपाल की तबीयत अचानक खराब हुई थी. उसे तुरंत आरबीएम अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि मौत के कारणों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया गया है और पूरे मामले की जुडिशियल इंक्वायरी होगी.
मामले को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक के बेटे गोकुल ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन (9 अगस्त) उसकी बुआ जेल में पिता को राखी बांधने आई थी. उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ थे और सामान्य बातचीत कर रहे थे. गोकुल का कहना है कि अगले ही दिन अचानक मौत की सूचना मिली, जिससे परिवार स्तब्ध है. परिजनों का आरोप है कि उन्हें समय पर सूचित नहीं किया गया. उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और मुआवजे की मांग की है.
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सेवर सेंट्रल जेल के बाहर देर तक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और जेल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया. सीओ पंकज ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. जुडिशियल जांच में लापरवाही या अन्य तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.




















