झालावाड़ : जिले के सदर थाना क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व नाबालिग की लाश मामले की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन जांच में यह पूरा मामला अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा निकला. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सहित दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया है. पीड़िता और आरोपियों के डीएनए सैंपल मैच होने के बाद पूरे मामले से पर्दाफाश हो सका.
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि दो वर्ष पूर्व सदर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग की लाश संदिग्ध अवस्था में मिली थी. इससे पहले पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत पत्र देकर नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज कराया था. बाद में तत्कालीन थाना प्रभारी ने मामले को जांच में लेकर मृतका का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया था. एसपी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड से मिली रिपोर्ट में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद पीड़िता के कपड़ों व अन्य जगहों से जुटाए साक्ष्यों को फोरेंसिक लेबोरेटरी में भेजा गया.
जांच में पीड़िता के सैंपल से पुरुष डीएनए डिक्टेट हुआ, जिसके बाद मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि पीड़िता की मौत के पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है. पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को पकड़ा. बाद में पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश की अनुमति लेकर तीनों के डीएनए सैंपल लिए गए, जो पीड़िता के कपड़ों के डीएनए सैंपल से मैच हुए. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी रोहित कुमार को गिरफ्तार किया है. वहीं, दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया है.
एसपी अमित कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में नाबालिग के पानी में डूब कर मौत होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था. हालांकि, तात्कालिक थाना प्रभारी ने संदिग्ध मौत को लेकर शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया. जांच के बाद बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई.
जिले के सदर थाना क्षेत्र में पीड़िता के परिजन पीड़िता को अकेले खेत में रखवाली करने के लिए छोड़ बाजार गए थे. इस दौरान जब पूरा परिवार बाजार से लौटा तो पीड़िता खेत पर नहीं मिली. परिजनों ने आसपास के इलाके और रिश्तेदारों के यहां तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. बाद में परिजनों की ओर से सदर थाने में पीड़िता के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया. वहीं, अगले दिन पीड़िता की लाश मिली. इसके बाद आरोपियों की ओर से मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी.




















