मकराना. चलती ट्रेन में बुधवार देर शाम एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ यात्रियों को राहत दी बल्कि मानवता और कर्तव्य का बड़ा उदाहरण भी पेश किया. मकराना से परबतसर जा रही पैसेंजर ट्रेन में एक यात्री को अचानक हार्ट अटैक आ गया. यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, तभी ट्रेन में मौजूद एक नर्सिंग छात्रा ने अपनी समझदारी और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए यात्री की जान बचा ली.
यात्री को आया हार्ट अटैक: नर्सिंग छात्रा प्राची व्यास के ताऊ सुरेशचंद व्यास के अनुसार, ट्रेन में सफर कर रहे ओमप्रकाश नायक निवासी सांचौर को अचानक दिल का दौरा पड़ गया. स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने लगा. आसपास बैठे यात्री घबराकर कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें. इसी बीच ट्रेन में सफर कर रही उनकी भतीजी प्राची व्यास जो एम्स रायपुर से बीएससी नर्सिंग की छात्रा हैं, उसने आगे आकर स्थिति को संभाला और तत्काल मरीज को CPR देना शुरू किया. प्राथमिक उपचार के बाद परबतसर स्टेशन पहुंचते ही ग्रामीणों की मदद से मरीज को मारवाड़ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. वहां डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की स्थिति अब सामान्य है और वह खतरे से बाहर हैं. सूचना पर मरीज के परिजन और कई ग्रामीणजन भी अस्पताल पहुंच गए.
छात्रा ने किया 20 मिनट तक सीपीआर: उन्होंने बताया कि ओमप्रकाश को हार्ट अटैक आने के बाद प्राची ने तुरंत मरीज की धड़कन चेक की, सही स्थिति में लिटाया और प्राथमिक उपचार शुरू किया. प्राची ने प्रशिक्षित तरीके से लगातार करीब 20 मिनट तक सीपीआर दिया. उसकी तत्परता और साहस से यात्री की सांसें वापस लौटीं और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई. यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था. उस समय ट्रेन के कोच में करीब 40 यात्री मौजूद थे, जो इस पूरे घटनाक्रम के गवाह बने. घटना के समय कोच में मौजूद कुछ यात्रियों ने प्राची के साहसिक कदम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. कुछ ही समय में वीडियो वायरल हो गया और नर्सिंग छात्रा प्राची व्यास की जमकर सराहना होने लगी. लोग इसे प्रेरणादायक बताते हुए उनकी मानवता और सेवा भाव की तारीफ कर रहे हैं.
छात्रा के परिजन भी हुए गौरवान्वित: प्राची व्यास के ताऊ और पूर्व शिक्षा उप निदेशक सुरेशचंद व्यास ने बताया कि प्राची हमेशा से ही पढ़ाई के साथ समाज सेवा के प्रति जागरूक रही हैं. एम्स रायपुर से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उनका झुकाव सामाजिक कार्यों की ओर बना हुआ है. ट्रेन में दिखाए गए साहस और सेवा भाव ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है.




















